उत्तराखंड

आपदा प्रबंधन की तैयारियों को धार देने के लिए आज रुद्रप्रयाग में मॉक ड्रिल; प्रशासन ने की सहयोग की अपील

प्रातः 10:30 से अपराह्न 02:00 बजे तक जनपद के 5 चिह्नित स्थानों पर होगा आपदा राहत कार्यों का अभ्यास; जिला प्रशासन ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

रुद्रप्रयाग | 17 मार्च 2026

​जनपद रुद्रप्रयाग में आपदा प्रबंधन की मुस्तैदी और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल को परखने के लिए आज एक वृहद मॉक ड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक अभ्यास है, इसलिए स्थानीय जनता किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दे और न ही भयभीत हो।

अभ्यास का समय और उद्देश्य

​जिला सूचना अधिकारी के अनुसार, यह अभ्यास प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य भूकंप, भूस्खलन, सड़क दुर्घटना और वनाग्नि जैसी प्राकृतिक व मानव जनित आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्यों की गति और सटीकता को जांचना है।

इन जगहों पर रहेगा हाई अलर्ट (Incident Areas)

​प्रशासन ने वास्तविक आपदा जैसी स्थिति दर्शाने के लिए जिले के इन स्थानों को ‘इंसीडेंट एरिया’ घोषित किया है:

    • सिरोहबगड़ और मुनकटिया (सोनप्रयाग): यहाँ भूस्खलन (Landslide) का दृश्य तैयार किया जाएगा।
    • घोलतीर: यहाँ सड़क दुर्घटना से निपटने का अभ्यास होगा।
    • अगस्त्यमुनि: यहाँ भूकंप की स्थिति में राहत कार्य का जायजा लिया जाएगा।
    • रुद्रप्रयाग-पोखरी मार्ग (सन्बैण्ड): यहाँ वनाग्नि (Forest Fire) की चुनौती से निपटने का रिहर्सल होगा।

स्टेजिंग एरिया: सभी गतिविधियों का मुख्य केंद्र गुलाबराय मैदान को बनाया गया है, जहाँ से रेस्क्यू टीमों और संसाधनों का संचालन किया जाएगा।

प्रशासन की अपील

​जिला प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि मॉक ड्रिल के दौरान सायरन की आवाज या भारी संख्या में सुरक्षा बलों की आवाजाही देखकर विचलित न हों। यह एक नियमित प्रक्रिया है ताकि किसी भी वास्तविक आपदा के समय जन-धन की हानि को कम से कम किया जा सके।

विशेष सूचना: कृपया ध्यान दें कि यह वास्तविक आपदा नहीं, बल्कि एक मॉक अभ्यास है। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य केवल रिहर्सल का हिस्सा हैं। घबराने की आवश्यकता नहीं है, प्रशासन आपकी सुरक्षा के प्रति तत्पर है।

UK Cyber News

Prem Padiyar

साइबर ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट के कारण करोड़ों रुपयों की ठगी के मामले सामने आ रहे है, ये ठग अलग अलग माध्यम से लोगों को ठगते है। कभी पुलिस ऑफिसर बनकर, कभी कोरियर डिलीवरी बॉय बनकर, कभी बैंक कर्मचारी या कभी किसी सरकारी संस्थान के कर्मचारी बनकर, कभी ये राशन कार्ड / आधार कार्ड अपडेट तो कभी आयुष्मान कार्ड अपडेट के नाम पर लोगों को ठगते है, कभी मुसीबत में फंसे करीबी रिश्तेदार या दोस्त बनकर आमजन को ठगते हैं। इनसे बचने का एक मात्र तरीका जागरूकता है। इसके शिकार महिलाएं एवं बुजुर्ग ज्यादातर बनते है, हमारा उद्देश्य रहेगा कि समय समय पर आप लोगों तक साइबर क्राइम की जानकारी एवं सुरक्षा के उपाय पहुंचाया जाय, जिससे हर आदमी साइबर ठगी का शिकार होने से बच सके और अपनी गाढ़ी कमाई को बचा सके, साथ ही हमारी कोशिश रहेगी कि देश दुनिया की तमाम खबरें आप तक पहुंचाई जा सके।

Related Articles

Back to top button
Report By UK Cyber News