20 किमी पैदल प्रसव पीड़ा: पिथौरागढ़ का वीडियो वायरल, सिस्टम पर उठे सवाल
नए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के लिए पहली बड़ी चुनौती: क्या सुधरेगी पहाड़ों की सेहत?

पिथौरागढ़ | डिजिटल डेस्क
उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ के कनार गांव से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने ‘पहाड़ के दर्द’ को एक बार फिर देश के सामने ला खड़ा किया है। वीडियो में प्रसव पीड़ा से कराहती एक गर्भवती महिला को उबड़-खाबड़ रास्तों पर करीब 20 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक लाते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो न सिर्फ विचलित करने वाला है, बल्कि प्रदेश के विकास के दावों की जमीनी हकीकत भी बयां कर रहा है।
ग्राउंड रियलिटी: आजादी के 78 साल बाद भी डोली ही एम्बुलेंस
कनार गांव, जहाँ लगभग 250 परिवार और 1500 की आबादी निवास करती है, आज भी सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से महतूम है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आपात स्थिति में मरीजों को कंधों या डोली के सहारे मीलों का सफर तय करना यहाँ की नियति बन चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन फाइलें दफ्तरों की धूल फांक रही हैं।
सियासी हलचल: नए स्वास्थ्य मंत्री के सामने पहाड़ जैसी चुनौती
यह मामला एक ऐसे नाजुक समय पर सामने आया है जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में कैबिनेट विस्तार किया है। स्वास्थ्य विभाग की कमान अब धन सिंह रावत के बजाय सुबोध उनियाल के हाथों में है।
उठते सवाल:
- क्या नए स्वास्थ्य मंत्री पदभार संभालते ही इन दूरस्थ क्षेत्रों की सुध लेंगे?
- चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में क्या सरकार ‘वोट की राजनीति’ से ऊपर उठकर इन गांवों को मुख्यधारा से जोड़ेगी?
- वायरल वीडियो पर प्रशासनिक अमला कब तक संज्ञान लेकर ठोस कार्रवाई करेगा?
विकास के नारों के बीच सफेद हाथी साबित होते दावे
सोशल मीडिया पर वायरल इस सच्चाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी से दूर पहाड़ों की गोद में बसे गांवों के लिए ‘डिजिटल इंडिया’ आज भी एक सपना है। जब तक अंतिम छोर पर खड़ी महिला को सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा नहीं मिलती, तब तक विकास के हर आंकड़े अधूरे हैं।
संपादकीय टिप्पणी: यह वीडियो शासन के लिए केवल एक ‘क्लिप’ नहीं, बल्कि उन 1500 लोगों की चीख है जो हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर जीने को मजबूर हैं।
डिस्क्लेमर:
इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय सूत्रों से प्राप्त इनपुट पर आधारित है। ukcybernews इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल क्षेत्र की जनसमस्याओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करना है।


