ऑपरेशन ‘CyHawk’
दिल्ली पुलिस द्वारा साइबर अपराध पर एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई

दिल्ली पुलिस आजकल साइबर अपराधियों की धर पकड़ में लगी है, इसे CyHawk नाम दिया गया है। दिल्ली पुलिस द्वारा साइबर अपराध पर एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई है। ऑपरेशन ‘CyHawk’ के बारे में कुछ मुख्य विवरण इस प्रकार हैं
ऑपरेशन CyHawk के मुख्य बिंदु
दिल्ली और आस-पास के इलाकों में सक्रिय साइबर क्राइम मॉड्यूल को खत्म करना दिल्ली पुलिस का उद्देश्य है। यह स्पेशल ऑपरेशन 48 घंटे तक चला, इस दौरान 877 आरोपियों को गिरफ्तार किया या ‘बाउंड डाउन’ किया। कुल 4,467 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया, 509 लोगों को नोटिस जारी किए गए। इस कार्रवाई में मुख्य रूप से जॉब फ्रॉड, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, वर्क-फ्रॉम-होम फ्रॉड और फर्जी कॉल सेंटरों से जुड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया गया।
जांचकर्ताओं ने ₹1,000 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया, जो ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) के माध्यम से किए गए थे। ऑपरेशन में स्पेशल सेल की IFSO यूनिट, क्राइम ब्रांच और दिल्ली के 15 जिलों की पुलिस शामिल रही। यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय के I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के साथ समन्वय में की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस ऑपरेशन को ‘प्रतिक्रियाशील कार्रवाई’ (Reactive Action) से ‘सक्रिय विघटन’ (Proactive Disruption) की ओर एक रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है ताकि साइबर अपराध को उसके वित्तीय मूल पर ही खत्म किया जा सके।



