
देहरादून। यूके साइबर न्यूज। उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय युवाओं के बीच यह आरोप लगातार तेज़ हो रहा है कि विभिन्न विभागों में बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि राज्य के अपने युवा बेरोज़गारी से जूझ रहे हैं।
इसी मुद्दे को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। पार्टी की ओर से जारी हालिया आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह व्यवस्था न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और अस्तित्व के साथ खिलवाड़ है।
UKD की मुख्य आपत्तियाँ :-
अपने बयान में पार्टी ने कहा कि जब पहाड़ों के युवा रोजगार के लिए दर–दर भटक रहे हैं, तब बाहरी लोगों को नौकरी में तरजीह मिलना उत्तराखंड के हितों के खिलाफ है।
UKD के अनुसार, “जब तक स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा, तब तक पहाड़ों का विकास असंभव है।”
UKD की सरकार से प्रमुख मांगें:-
1️⃣ सभी विभागों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
2️⃣ बाहरी अभ्यर्थियों पर पारदर्शी और साफ़ प्रक्रिया लागू हो।
3️⃣ पहाड़ी क्षेत्रों के बेरोज़गार युवाओं के लिए विशेष रोजगार पैकेज तैयार किया जाए।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह उत्तराखंड के युवाओं की आवाज बनकर उनके हक की लड़ाई जारी रखेगी।
“उत्तराखंडी युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
UKD के ताज़ा बयान ने राज्य में रोजगार नीतियों, स्थानीय प्राथमिकता, और पहाड़ी युवाओं के भविष्य पर चर्चा को एक बार फिर गर्मा दिया है।



