
सतपुली (पौड़ी गढ़वाल), 8 अगस्त।
तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ता मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और युवाओं में शारीरिक गतिविधियों की कमी आज देश के सामने बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियां बनकर उभर रही हैं। ऐसे समय में योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। यही कारण है कि अब विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में भी योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बन सके।
इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राजकीय महाविद्यालय सतपुली, खैरासैंण में 30 दिवसीय बेसिक योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन उत्कर्ष योग समिति, देहरादून तथा सीव्यू सेवा ट्रस्ट (SEEVIEW Seva Trust) के सहयोग से किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ उत्कर्ष योग समिति के संस्थापक एवं योग विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह तथा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन अवसर पर योग को स्वस्थ समाज की आधारशिला बताते हुए सभी प्रतिभागियों से नियमित योगाभ्यास को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें केवल महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से देश-विदेश के 200 से अधिक प्रतिभागी भी जुड़ रहे हैं। प्रशिक्षण का आयोजन 8 अगस्त से 7 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से 7:30 बजे तक किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों की परीक्षा आयोजित की जाएगी और सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्कर्ष योग समिति के संस्थापक डॉ. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन, विचार और जीवनशैली को सकारात्मक दिशा देने वाली एक समग्र जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि यदि युवा प्रतिदिन कुछ समय योग, प्राणायाम और ध्यान के लिए निकालें तो अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचा जा सकता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों पर पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर को लेकर मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में योग विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और एकाग्रता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की योग प्रशिक्षक श्रीमती विजया पंवार द्वारा किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान, श्वास तकनीकों तथा जीवनशैली सुधार से जुड़े व्यावहारिक अभ्यास कराए जाएंगे। साथ ही तनाव प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक लचीलापन, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा एकाग्रता बढ़ाने के उपायों की भी जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में सहयोगी संस्था उत्कर्ष योग समिति पिछले लगभग 15 वर्षों से योग, प्राणायाम, मुद्रा, बंध, एक्यूप्रेशर तथा समग्र स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यक्रम संचालित कर रही है। संस्था का उद्देश्य योग के माध्यम से लोगों को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सजग तथा भावनात्मक रूप से संतुलित बनाना है। संस्था के अनुसार उसके प्रशिक्षण कार्यक्रमों में देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी प्रतिभागी नियमित रूप से जुड़ते हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में सीव्यू सेवा ट्रस्ट (SEEVIEW Seva Trust) की ओर से संस्थापक डॉ. महावीर सिंह बर्त्वाल, कुलभूषण मेहतानी, अशोक भट्ट तथा संदीप रावतैला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं महाविद्यालय की ओर से IQAC समन्वयक डॉ. संजीव कुमार, प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योगाभ्यास केवल बीमारियों से बचाव का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने का भी प्रभावी तरीका है। आज जब युवाओं का बड़ा वर्ग मोबाइल, कंप्यूटर और बैठकर काम करने वाली जीवनशैली का अभ्यस्त होता जा रहा है, ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
राजकीय महाविद्यालय सतपुली में शुरू हुआ यह 30 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करने का प्रयास भी है। यदि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित होते रहें और अधिक से अधिक युवा इनसे जुड़ें, तो समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में यह एक सार्थक पहल साबित हो सकती है।



