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मनरेगा की मजदूरी विधायक के खाते में

11 बार भुगतान, 4 साल की चुप्पी: सवालों में विधायक की सफाई

उत्तराखण्ड।देहरादून।पुरोला। यूके साइबर न्यूज। 

मनरेगा भुगतान और विधायक का बयान: सवाल जो जवाब मांगते हैं

उत्तराखंड के पुरोला से भाजपा विधायक दुर्गेश लाल के खाते में मनरेगा की धनराशि जाने के मामले ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विधायक का कहना है कि उन्हें जानबूझकर फंसाने के लिए उनके खाते में यह राशि डाली गई, लेकिन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह दावा कई स्तरों पर कमजोर दिखाई देता है।

पहला सवाल – जानकारी कैसे नहीं हुई?

आज के डिजिटल दौर में हर बैंक खाता मोबाइल नंबर से लिंक होता है। खाते में पैसा आते ही ट्रांजेक्शन का मैसेज तत्काल मोबाइल पर पहुंचता है, जिसमें यह स्पष्ट होता है कि राशि कहां से आई, कितनी आई और किस मद में आई। ऐसे में यह कहना कि विधायक को इस लेन-देन की जानकारी नहीं थी, सामान्य समझ से परे है।
खास बात यह है कि कुछ समय पूर्व विधायक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वे अंग्रेजी में किसी को डांटते नजर आए थे। इससे यह तर्क और कमजोर हो जाता है कि वे बैंक मैसेज पढ़ या समझ नहीं सकते।

दूसरा सवाल – एक बार नहीं, 11 बार भुगतान

रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2021 से 2025 के बीच विधायक और उनकी पत्नी के खातों में कुल 11 बार मनरेगा भुगतान हुआ। यदि यह मात्र साजिश होती, तो सवाल उठता है कि चार वर्षों तक लगातार भुगतान पर आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई गई?
जब तक खाते में राशि आती रही, तब तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन जैसे ही मामला मीडिया में सामने आया, अचानक यह कहना कि छवि धूमिल करने की साजिश हो रही है-यह तर्क सहज रूप से स्वीकार्य नहीं लगता।

असली मुद्दा – सिस्टम और जवाबदेही

मनरेगा जैसी योजना गरीब मजदूरों के रोजगार और आजीविका के लिए बनाई गई है। यदि उसी योजना की राशि जनप्रतिनिधियों के खातों में पहुंच रही है, तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम का सवाल है।
यह भी गौरतलब है कि यदि यही गलती कोई आम नागरिक करता, तो उसके लिए वर्षों तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाना तय होता।
अब जबकि यह तथ्य सामने आ चुका है कि मनरेगा की धनराशि गलत तरीके से विधायक के खाते में गई, तो निगाहें विभाग और सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं।

क्या केवल रिकवरी होगी या जवाबदेही भी तय की जाएगी?
यही सवाल आज उत्तराखंड की जनता पूछ रही है।

UK Cyber News

Prem Padiyar

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Report By UK Cyber News