
देहरादून | स्पेशल डेस्क
राजधानी के शिक्षा निदेशालय में हुए हाई-प्रोफाइल मारपीट कांड में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब कोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय नोडियाल के साथ बदसलूकी और तोड़फोड़ के आरोपी अब सलाखों के पीछे नहीं, बल्कि ‘बेल’ पर बाहर रहेंगे।
🔹क्या था मामला? (फ्लैशबैक)
बीते शनिवार को शिक्षा निदेशालय में भारी हंगामा हुआ था। आरोप है कि रायपुर विधायक उमेष शर्मा काऊ और उनके समर्थकों ने निदेशक के कार्यालय में घुसकर न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया, बल्कि अधिकारी के साथ मारपीट भी की। निदेशक की तहरीर पर पुलिस ने विधायक और उनके साथियों के खिलाफ BNS की गंभीर धाराओं (121(1), 191(2), 324(3), 351(3) और 352) के तहत मुकदमा दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया था।
🔹कोर्ट का फैसला: जेल नहीं, अब बेल
शिक्षा विभाग के कर्मचारी जहाँ विधायक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे, वहीं अपर सिविल जज ममता पंत की अदालत ने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को जमानत दे दी है। हालांकि मुकदमा चलता रहेगा, लेकिन आरोपियों का जेल से बाहर आना आंदोलनकारियों के लिए किसी झटके से कम नहीं है।
🔹”अब होगा बड़ा आंदोलन” भड़के कर्मचारी
जमानत की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों और संघों में उबाल है। कर्मचारियों का कहना है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और इंसाफ में देरी हो, तो सड़कों पर उतरना ही एकमात्र रास्ता बचता है। संघ ने चेतावनी दी है कि यह लड़ाई अब और तेज होगी।
“UK Cyber News का सवाल: क्या रसूख के आगे दब जाएगी इंसाफ की आवाज़? क्या सरकारी दफ्तरों में अधिकारी अब सुरक्षित नहीं?”
डिस्क्लेमर:
इस समाचार में इस्तेमाल की गई फोटो/वीडियो प्रतीकात्मक या प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं। खबर की सत्यता पुलिस और कोर्ट के दस्तावेजों पर आधारित है। UK Cyber News किसी भी प्रकार की हिंसा या उन्माद का समर्थन नहीं करता है।


