देहरादून | UK Cyber News रिपोर्ट
उत्तराखंड में आज 25 अप्रैल से जनगणना प्रक्रिया के अंतर्गत ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ का कार्य विधिवत रूप से शुरू हो गया है। यह महत्वपूर्ण अभियान 24 मई तक जारी रहेगा। केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ सुनिश्चित करना है।
क्या है यह अभियान?
यह चरण जनसंख्या गणना की आधारशिला है। इसमें सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों और उनमें रहने वाले परिवारों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्रित करेंगे। यह डेटा भविष्य की सरकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास और जन-सुविधाओं के नियोजन में अहम भूमिका निभाएगा।
क्या-क्या जानकारी जुटाई जाएगी?
सर्वेक्षण के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी:
- मकान से संबंधित: मकान की स्थिति, निर्माण में प्रयुक्त सामग्री (दीवारें, छत, फर्श), मकान का उपयोग, भवन संख्या आदि।
- परिवार संबंधी: परिवार में रहने वाले सदस्यों की कुल संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक स्थिति, स्वामित्व और परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या।
- सुविधाएं और संसाधन: पेयजल का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था, जल निकासी, रसोई घर, एलपीजी कनेक्शन, और खाना पकाने का मुख्य ईंधन।
- परिसंपत्तियां: परिवार के पास उपलब्ध संसाधन जैसे- मोबाइल/स्मार्टफोन, इंटरनेट, कंप्यूटर/लैपटॉप, टीवी, रेडियो, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल और कार/जीप/वैन।
- अन्य: परिवार द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुख्य अनाज और जनगणना संबंधित संचार के लिए मोबाइल नंबर।
गोपनीयता का भरोसा
सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि एकत्रित की गई सभी जानकारी पूरी तरह से सुरक्षित और गोपनीय रहेगी। नागरिकों से अपील है कि वे सरकारी कर्मचारियों को सही और सटीक जानकारी दें ताकि विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके।
UK Cyber News अपने पाठकों से आग्रह करता है कि वे इस अभियान में सहयोग करें। यह जानकारी न केवल आपकी बल्कि राज्य और देश के बेहतर भविष्य के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।


