ठेकेदारों का ATM बनी चंपावत ‘स्वाला’ की सड़क! सिरोहबगड़ जैसा खेल, हर महीने करोड़ों का खेला!
सड़क या 'ठेकेदार रोजगार योजना'? चंपावत में उभर रहा है एक नया 'सिरोहबगड़'।

चंपावत। उत्तराखंड:-
आपको याद होगा गढ़वाल श्रीनगर से आगे का वो सिरोहबगड़, जहाँ विकास के नाम पर सालों तक सिर्फ मलबे का ढेर मिला है। उत्तराखंड की जनता को लगा था कि सिरोहबगड़ एक अपवाद (Exception) है, लेकिन अब कुमाऊं के चंपावत में भी ठीक वही पटकथा दोहराई जा रही है। चंपावत की यह सड़क, जो ‘स्वाला’ (Swala) नामक स्थान पर है, आज उत्तराखंड के सबसे बड़े ‘भ्रष्टाचार के केंद्र’ में तब्दील हो चुकी है।
स्वाला का ‘डेंजर ज़ोन’ और कागजी खेल
यहाँ की हकीकत देख आप दंग रह जाएंगे। विभाग ने इस ‘स्वाला’ वाले हिस्से को ‘डेंजर ज़ोन’ बताकर पल्ला झाड़ लिया है। न जाने कैसे-कैसे और कितने ज़ोन ये लोग कागजों में बनाकर रखते हैं, ताकि आम जनता को डराया जा सके और अपना ‘काम’ (घोटाला) जारी रखा जा सके। यहाँ सड़क का नामो-निशान मिट चुका है, लेकिन यहाँ पुल बनाने के बजाय, इसे हर बार ‘पैचवर्क’ के नाम पर छोड़ दिया जाता है। क्यों? क्योंकि अगर पुल बन गया, तो ‘मेंटेनेंस’ के नाम पर जो करोड़ों का खेल हर महीने चलता है, वो बंद हो जाएगा।
एक जागरूक नागरिक की वीडियो, लेकिन बहरा सिस्टम
चंपावत के ही एक जागरूक और जिम्मेदार नागरिक ने न केवल इस भयावह स्थिति को कैमरे में कैद किया, बल्कि इसे सोशल मीडिया पर वायरल भी किया। उन्होंने प्रशासन की नींद खोलने की कोशिश भी की, जनता की आवाज़ बुलंद की, लेकिन अफ़सोस! सोशल मीडिया पर चर्चा और विरोध के बावजूद स्थिति जस की तस है। क्या एक आम नागरिक की चीख-पुकार भी इस गूंगे-बहरे तंत्र को नहीं जगा सकती?
ठेकेदार रोजगार योजना का काला सच
तस्वीरें और वीडियो साफ़ कहती है कि यह सड़क नहीं, ठेकेदारों की ‘एटीएम’ मशीन है। जहां 200-300 मीटर का पुल बनाना तकनीकी रूप से पूरी तरह संभव है, लेकिन विभाग इसे ‘साल्व्ड‘ करने के बजाय ‘मेंटेनेंस‘ के बिलों में करोड़ों रुपये स्वाहा कर रहा है। धारचूला और मुनस्यारी को जोड़ने वाली यह सड़क भारत-चीन सीमा की ‘लाइफलाइन‘ है, पर यहाँ सुरक्षा से ज्यादा ‘ठेकेदार की जेब’ गरम करने को प्राथमिकता दी जा रही है।
सवाल सीधा है: क्या यह सड़क सिर्फ मलबे हटाने और मशीनों का किराया वसूलने के लिए है? या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही सरकार की नींद खुलेगी?
क्या स्थानीय जनप्रतिनिधियों को इस ‘ठेकेदार रोजगार योजना’ पर जवाब नहीं देना चाहिए? या जनता का पैसा ऐसे ही मलबे में दफन होता रहेगा?
जनता सब देख रही है, और आने वाले समय में हिसाब भी जरूर मांगेगी।
डिस्क्लेमर :- यह वीडियो और जानकारी एक जागरूक नागरिक द्वारा उपलब्ध कराई गई है। UK Cyber News का उद्देश्य केवल जनहित में प्रशासन का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित करना है।


