उत्तराखंडग्राउंड रिपोर्ट

गोपेश्वर कौंज–पोथनी बैलीधार: पुल के अभाव में रोज मौत से दो-दो हाथ कर रहे ग्रामीण

स्कूली बच्चों, महिलाओं और मरीजों को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ रहा गदेरा

गोपेश्वर। चमोली

बरसात उत्तराखंड के पहाड़ों के लिए केवल हरियाली नहीं लाती, बल्कि कई गांवों के लिए भय, असुरक्षा और संघर्ष का दूसरा नाम बन जाती है। चमोली जनपद के गोपेश्वर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित कौंज–पोथनी बैलीधार इन दिनों ऐसी ही त्रासदी झेल रहा है। यहां उफनते गदेरे को पार करना ग्रामीणों की मजबूरी बन गया है। हर सुबह बच्चे स्कूल जाने के लिए, महिलाएं दैनिक कार्यों के लिए, बुजुर्ग और बीमार लोग इलाज के लिए इसी खतरनाक रास्ते से गुजरते हैं। एक छोटी सी चूक किसी बड़े हादसे में बदल सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब दो सप्ताह से लगातार बारिश के कारण गदेरा उफान पर है। गांव को जोड़ने के लिए आज तक स्थायी पुलिया का निर्माण नहीं हो पाया है। ऐसे में ग्रामीण अपनी जान हथेली पर रखकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। सबसे अधिक चिंता उन बच्चों और बुजुर्गों की है, जिन्हें तेज बहाव के बीच दूसरों के सहारे गदेरा पार करना पड़ता है।

विडंबना यह है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्ष 2023 की आपदा में भी इसी क्षेत्र में पैदल मार्ग और पुलिया बह जाने के बाद ग्रामीण लंबे समय तक टूटे रास्तों और गदेरों के सहारे आवाजाही करने को मजबूर रहे थे। इसके बाद भी स्थायी समाधान नहीं हो सका।

भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष आशीष नेगी ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष इस समस्या को रखा गया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिले। उनका कहना है कि चुनाव के समय गांव-गांव पहुंचने वाले नेता बरसात के दिनों में ग्रामीणों की पीड़ा भूल जाते हैं।

आशीष नेगी के अनुसार यदि किसी गर्भवती महिला, गंभीर मरीज या स्कूली बच्चे के साथ कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने तत्काल सुरक्षित पुल या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का दर्द केवल आवाजाही तक सीमित नहीं है। यदि किसी घर में अचानक कोई बीमार पड़ जाए या रात में आपात स्थिति पैदा हो जाए, तो अस्पताल तक पहुंचना भी चुनौती बन जाता है। कई बार लोग घंटों तक पानी कम होने का इंतजार करते हैं। बरसात के दौरान यह इंतजार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर भी बन सकता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यही हालात बनते हैं। फिर भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता। प्रशासन अस्थायी व्यवस्था कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेता है, लेकिन मानसून खत्म होने के बाद यह मुद्दा फिर फाइलों में दब जाता है।

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि हिमालयी क्षेत्रों में जलधाराओं पर छोटे-छोटे सुरक्षित पुल ग्रामीण जीवन की बुनियादी आवश्यकता हैं। इनके अभाव में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था सभी प्रभावित होती हैं। ऐसे क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा समय रहते सुरक्षित संपर्क मार्ग उपलब्ध कराना है।

हाल के वर्षों में चमोली जिले में सड़क, पुल और संपर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने की कई घटनाएं सामने आई हैं। इससे साफ है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मजबूत और टिकाऊ आधारभूत संरचना की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा, या फिर समय रहते कौंज–पोथनी बैलीधार के ग्रामीणों को सुरक्षित पुल और सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिलेगा? उत्तर केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले काम से मिलेगा।

📹 ग्राउंड रिपोर्ट एवं वीडियो: अशोक बिष्ट, वरिष्ठ स्थानीय संवाददाता (चमोली)

डिस्क्लेमर:
इस समाचार में प्रकाशित जानकारी, वीडियो एवं छायाचित्र यूके साइबर न्यूज़ के स्थानीय संवाददाता अशोक बिष्ट द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। समाचार का प्रकाशन मौके से प्राप्त तथ्यों, स्थानीय लोगों से मिली जानकारी तथा संवाददाता द्वारा तैयार किए गए दृश्य साक्ष्यों के आधार पर किया गया है। यदि संबंधित प्रशासन या किसी अन्य पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होता है, तो उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

UK Cyber News

Prem Padiyar

साइबर ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट के कारण करोड़ों रुपयों की ठगी के मामले सामने आ रहे है, ये ठग अलग अलग माध्यम से लोगों को ठगते है। कभी पुलिस ऑफिसर बनकर, कभी कोरियर डिलीवरी बॉय बनकर, कभी बैंक कर्मचारी या कभी किसी सरकारी संस्थान के कर्मचारी बनकर, कभी ये राशन कार्ड / आधार कार्ड अपडेट तो कभी आयुष्मान कार्ड अपडेट के नाम पर लोगों को ठगते है, कभी मुसीबत में फंसे करीबी रिश्तेदार या दोस्त बनकर आमजन को ठगते हैं। इनसे बचने का एक मात्र तरीका जागरूकता है। इसके शिकार महिलाएं एवं बुजुर्ग ज्यादातर बनते है, हमारा उद्देश्य रहेगा कि समय समय पर आप लोगों तक साइबर क्राइम की जानकारी एवं सुरक्षा के उपाय पहुंचाया जाय, जिससे हर आदमी साइबर ठगी का शिकार होने से बच सके और अपनी गाढ़ी कमाई को बचा सके, साथ ही हमारी कोशिश रहेगी कि देश दुनिया की तमाम खबरें आप तक पहुंचाई जा सके।

Related Articles

Back to top button
Report By UK Cyber News