उत्तराखंडदेहरादूनराजनीतिक विश्लेषणसोशल मीडिया

अफवाहों पर विराम: मूल निवास-भू कानून संघर्ष समिति का किसी दल में विलय नहीं, गैरसैण से उग्र आंदोलन का शंखनाद

समिति का अस्तित्व अडिग है, अब पहाड़ की अस्मिता के लिए गैरसैण से होगी आर-पार की लड़ाई" — मोहित डिमरी (संस्थापक संयोजक)

देहरादून/उत्तराखंड | विशेष रिपोर्ट | UK Cyber News

​उत्तराखंड के ज्वलंत मुद्दों ‘मूल निवास और सशक्त भू-कानून’ की लड़ाई लड़ रही संघर्ष समिति को लेकर पिछले कुछ घंटों से सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। समिति के संस्थापक संयोजक मोहित डिमरी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी राजनीतिक दल में विलय की खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। उन्होंने साफ किया कि समिति का अस्तित्व अडिग है और यह प्रदेश के हक-हकूक के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगी।

सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का सच

​पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह चर्चा तेज थी कि ‘मूल निवास भू-कानून संघर्ष समिति’ अपना स्वतंत्र अस्तित्व खत्म कर किसी राजनीतिक दल का हिस्सा बनने जा रही है। इन चर्चाओं ने आंदोलन से जुड़े समर्थकों और प्रदेशवासियों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी थी। इस पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए मोहित डिमरी ने साफ किया है कि समिति का अस्तित्व न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह अपने मूल सिद्धांतों पर पहले से कहीं अधिक मजबूती के साथ अडिग है।

​समिति ने स्पष्ट किया है कि उनका मंच उत्तराखंड के ‘हक-हकूक’ की लड़ाई के लिए समर्पित है। किसी भी राजनीतिक दल के साथ विलय का सवाल ही पैदा नहीं होता। जल्द ही नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा, जिसमें आंदोलन को नई ऊर्जा देने के लिए नई नियुक्तियां की जाएंगी।

पहाड़ की आत्मा ‘गैरसैण’ बनेगा आंदोलन का नया केंद्र

​रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत देते हुए समिति ने घोषणा की है कि आंदोलन को अब एक नए और अधिक उग्र सिरे से शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस बार आंदोलन का आगाज उत्तराखंड की अस्मिता के केंद्र और पहाड़ की आत्मा कहे जाने वाले ‘गैरसैण’ से होगा।

सावधानी और अपील

​UK Cyber News अपने पाठकों और आंदोलन समर्थकों से अपील करता है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अपुष्ट खबरों और भ्रामक पोस्टों पर भरोसा न करें। जब तक समिति के आधिकारिक स्रोतों से कोई जानकारी साझा न की जाए, तब तक ऐसी अफवाहों से दूर रहें। उत्तराखंड के सरोकारों और जन-मुद्दों से जुड़ी हर सटीक और विश्वसनीय जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें।

अस्वीकरण (Disclaimer):

यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण और सार्वजनिक सूचनाओं के आधार पर जनहित में तैयार की गई है। इस खबर का उद्देश्य समाज को जागरूक करना और तथ्यों को स्पष्ट करना है।

UK Cyber News

Prem Padiyar

साइबर ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट के कारण करोड़ों रुपयों की ठगी के मामले सामने आ रहे है, ये ठग अलग अलग माध्यम से लोगों को ठगते है। कभी पुलिस ऑफिसर बनकर, कभी कोरियर डिलीवरी बॉय बनकर, कभी बैंक कर्मचारी या कभी किसी सरकारी संस्थान के कर्मचारी बनकर, कभी ये राशन कार्ड / आधार कार्ड अपडेट तो कभी आयुष्मान कार्ड अपडेट के नाम पर लोगों को ठगते है, कभी मुसीबत में फंसे करीबी रिश्तेदार या दोस्त बनकर आमजन को ठगते हैं। इनसे बचने का एक मात्र तरीका जागरूकता है। इसके शिकार महिलाएं एवं बुजुर्ग ज्यादातर बनते है, हमारा उद्देश्य रहेगा कि समय समय पर आप लोगों तक साइबर क्राइम की जानकारी एवं सुरक्षा के उपाय पहुंचाया जाय, जिससे हर आदमी साइबर ठगी का शिकार होने से बच सके और अपनी गाढ़ी कमाई को बचा सके, साथ ही हमारी कोशिश रहेगी कि देश दुनिया की तमाम खबरें आप तक पहुंचाई जा सके।

Related Articles

Back to top button
Report By UK Cyber News