
देहरादून/ यूके साइबर न्यूज/। देहरादून की खबर विचलित करने वाली और बेहद दुखद है, एक होनहार छात्र! जो अपने भविष्य को संवारने के लिए त्रिपुरा से इतनी दूर उत्तराखंड आया था, उसका इस तरह हिंसा का शिकार होना समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है। एंजल चकमा जो देहरादून के एक निजी संस्थान से MBA की पढ़ाई कर रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार कुछ युवकों ने उन पर नस्लीय टिप्पणी की थी उन्हें चाउमीन, मोमो, चाइनीज जैसे शब्दों का प्रयोग किया, जब एंजल ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर चाकुओं से जानलेवा हमला कर दिया, गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया जिसके बाद देहरादून पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सख्त धाराओं में जांच कर रही है। इस घटना के बाद पूर्वोत्तर भारत के छात्रों और विभिन्न संगठनों में काफी रोष है। सोशल मीडिया पर भी लोग “Justice for Angel Chakma” की मांग कर रहे हैं और नस्लवाद के खिलाफ कड़े कानून की वकालत कर रहे हैं। यह घटना हमें याद दिलाती है कि विविधता वाले हमारे देश में अभी भी समावेशिता और आपसी सम्मान को लेकर बहुत काम किया जाना बाकी है। किसी भी छात्र के साथ उसकी पहचान या मूल स्थान के आधार पर भेदभाव या हिंसा पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस आरोप में पांच स्थानीय युवकों को गिरफ्तार किया गया है, इसी क्रम में आज उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने एंजल चकमा के पिता जी को फोन कर संवेदना व्यक्त की और ऐसे हमलों पर निंदा व्यक्त कर आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही करने की बात कही।
“यूके साइबर न्यूज इस प्रकार की घटनाओं की घोर निंदा करता है।”



