उत्तरकाशी जिले में अगस्त 2025 में बादल फटने या अत्यधिक वर्षा के कारण खीर गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण हुई।
147 शव मलबे में दबे होने की बात का खुलासा।

उत्तराखंड के धराली आपदा से संबंधित है, जो उत्तरकाशी जिले में अगस्त 2025 में बादल फटने या अत्यधिक वर्षा के कारण खीर गंगा नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण हुई थी।
कर्नल अजय कोठियाल (सेवानिवृत्त), जिन्हें केदारनाथ पुनर्निर्माण में उनके सराहनीय कार्य के लिए जाना जाता है और जिन्हें धामी सरकार ने धराली-हर्षिल के पुनर्निर्माण कार्य के लिए विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया था, उन्होंने हाल ही में आपदा प्रबंधन और सरकार के प्रयासों पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
कर्नल कोठियाल ने ‘वर्ल्ड समिट ऑन डिजास्टर मैनेजमेंट’ के मंच से निम्नलिखित दावे किए हैं उन्होंने गहरा खेद व्यक्त किया कि आपदा के चार महीने बाद भी मलबे में दबे हुए 147 लोगों के शवों को नहीं निकाला जा सका है।उन्होंने कहा कि सरकार आधिकारिक तौर पर लापता लोगों की संख्या 50 से 68 के बीच बताती है, जबकि हकीकत में यह संख्या 147 है। उन्होंने कहा कि अगर सेना हर्षिल में दबे 10 जवानों में से 7 को निकाल सकती है, तो धराली में दबे 147 लोगों को क्यों नहीं?
उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा के करीब चार महीने बाद भी धराली की स्थिति बदहाल है और प्रभावित क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन तंत्र के जिम्मेदार अधिकारी, भूगर्भ शास्त्री और वैज्ञानिक पुनर्वास के उचित रास्ते निकालने के बजाय चुनौतियों से बचने के बहाने खोज रहे हैं।
कर्नल कोठियाल (जो खुद भाजपा नेता हैं) के इन बयानों को विपक्षी दल कांग्रेस ने ‘धामी सरकार की पोल खोलने वाला’ करार दिया है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस पर जवाब देने की मांग की है। सत्तारूढ़ भाजपा ने भी इस बयान पर गंभीरता से विचार करने और कार्रवाई करने की बात कही है।



