भाजपा नेताओं का प्रदेश भर में विरोध।

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक माहौल गर्म है, कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर आज दिनांक 18/01/2026 को चमोली जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके काफिले को काले झंडे दिखाए गए। प्रदर्शनकारियों की सबसे प्रमुख मांग अंकिता भंडारी मामले में उस कथित ‘वीआईपी’ का नाम सार्वजनिक करना है, जिसका जिक्र जांच के दौरान बार-बार आता रहा है। कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार पर प्रदेश में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।
प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह आंदोलन केवल एक दिन का विरोध नहीं है, बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उनकी चेतावनी है कि जब तक मामले की पूरी सच्चाई और सबूत जनता के सामने नहीं आते, वे चुप नहीं बैठेंगे। दोषियों को सजा मिलने और सिस्टम की पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा। विपक्ष का आरोप है कि सरकार रसूखदार लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है।
अंकिता भंडारी मामला उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है, जिसमें न्याय की मांग को लेकर लगातार सामाजिक और राजनीतिक दबाव बना हुआ है।
हल्द्वानी में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दौरे के दौरान हुआ यह विरोध प्रदर्शन स्थानीय राजनीति और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से एक बड़ी घटना है। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह प्रदर्शन मुख्य रूप से राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर केंद्रित रहा।

युवा कांग्रेस ने हेमन्त साहू के नेतृत्व में निम्नलिखित मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग। सुखवंत सिंह हत्याकांड मामले की निष्पक्षता के लिए CBI जांच कराने की मांग। सामाजिक व आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, कमरतोड़ महंगाई, पहाड़ों से पलायन और युवाओं को अपनी चपेट में ले रहे नशे के कारोबार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के दौरे के विरोध में प्रतीकात्मक रूप से काले गुब्बारे हवा में लहराए। कुसुमखेड़ा चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को काफी बल प्रयोग और मशक्कत करनी पड़ी। भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच पुलिस ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
हल्द्वानी में इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है ताकि मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में कोई अन्य व्यवधान न आए। वहीं, कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।



