
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा बुलाई गई इस एकदिवसीय देशव्यापी हड़ताल का असर आज उत्तराखण्ड के हर छोटे-बड़े शहर में साफ देखा जा रहा है। बैंक कर्मचारियों की यह मांग कोई नई नहीं है, बल्कि सालों से लंबित है, कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि बैंकिंग क्षेत्र में भी अन्य सरकारी विभागों और RBI की तरह हफ्ते में केवल 5 दिन काम की व्यवस्था लागू की जाए (यानी हर शनिवार को छुट्टी)। कुछ यूनियनों ने पेंशन अपडेशन और नई नियुक्तियों की मांग को लेकर भी विरोध जताया है।
23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक में कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के कारण यूनियनों ने आज हड़ताल पर जाने का अंतिम फैसला लिया।अकेले नैनीताल शहर में लगभग ₹60 से ₹65 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है, जबकि पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिले में करीब ₹40 करोड़ का लेन-देन अटक गया है। पूरे प्रदेश का आंकड़ा देखा जाए तो यह कई सौ करोड़ में है चूंकि 24 जनवरी (चौथा शनिवार), 25 (रविवार) और 26 (गणतंत्र दिवस) को पहले से ही बैंक बंद थे, इसलिए आज की हड़ताल ने आम जनता के लिए लगातार चौथा “नो वर्किंग डे” बना दिया है। देहरादून के एश्ले हॉल और अन्य जिलों में बैंक कर्मचारियों ने शाखाओं के बाहर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
SBI, PNB, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक जैसे सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU) और ग्रामीण बैंक। HDFC, ICICI और Axis जैसे अधिकांश निजी बैंक सामान्य रूप से खुले हैं, हालांकि चेक क्लियरेंस में देरी हो सकती है क्योंकि क्लियरेंस हाउस सरकारी बैंकों से जुड़े होते हैं।
बैंक अब कल, 28 जनवरी को ही सामान्य रूप से खुलेंगे। हालांकि, इस दौरान ATM और डिजिटल बैंकिंग (UPI/Net Banking) सेवाएं सुचारू रूप से काम कर रही थी।



