छत्तीसगढ़ ‘बादाम कांड’ अपडेट: फाइल तो मिल गई, पर अब कुर्सी बचाने की दौड़!
बादाम' वाली घटना के बाद अधिकारी का हुआ ट्रांसफर

छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आया ‘बादाम’ वाला वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह मामला सिर्फ एक फाइल के गुम होने का नहीं, बल्कि सरकारी कार्यालयों में आम जनता की सुनवाई की दुर्दशा को दर्शाता है।
देखें वीडियो:-
क्या था पूरा मामला?
एक युवक पिछले एक साल से अपनी फाइल के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा था, लेकिन हर बार उसे टाल दिया जाता था। तंग आकर युवक ने एक अनोखा और व्यंग्यात्मक तरीका अपनाया। उसने अधिकारी को ‘बादाम’ भेंट किए और कहा कि इसे खाने से याददाश्त तेज होती है, शायद इससे फाइल याद आ जाए। यह वीडियो वायरल होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और घंटों के भीतर वह ‘गुम’ फाइल सामने आ गई।
ट्रांसफर के बाद आया नया मोड़
घटना के कुछ ही दिनों बाद, प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उस अधिकारी का ट्रांसफर आदेश जारी कर दिया गया। अब खबर यह है कि मैडम अपने ट्रांसफर को रुकवाने के लिए उच्च अधिकारियों और प्रशासनिक गलियारों में पैरवी कर रही हैं। यह स्थिति इस पूरे प्रकरण को और भी दिलचस्प बनाती है, वही अधिकारी जो एक फाइल ढूंढने में असमर्थ थीं, अब अपनी कुर्सी बचाने के लिए सक्रिय हो गई हैं।
यह घटना दो बड़े सवाल खड़े करती है:
- क्या सोशल मीडिया का दबाव ही अब जनता के लिए एकमात्र रास्ता है?
- क्या बिना किसी ‘स्टंट’ के आम आदमी का काम होना अब नामुमकिन है?
प्रशासनिक लापरवाही पर जनता का यह गुस्सा अब बदलाव की मांग कर रहा है। आप क्या सोचते हैंक्या ट्रांसफर ही इसका सही समाधान है या सिस्टम में और बड़े सुधारों की जरूरत है?



