उत्तराखंड के स्कूलों के लिए हीटवेव अलर्ट: महानिदेशक ने जारी की गाइडलाइन
पानी की घंटी और स्कूल समय में बदलाव के निर्देश

देहरादून:
उत्तराखंड में बढ़ते तापमान और हीटवेव (लू) के खतरे को देखते हुए विद्यालयी शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। महानिदेशक (विद्यालयी शिक्षा) दीप्ति सिंह ने राज्य के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के स्पष्ट आदेश दिए हैं।

छात्रों की सुरक्षा के लिए 8 मुख्य निर्देश
विभाग ने गर्मी के मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निम्नलिखित कदम उठाने को कहा है:
- वॉटर बेल: स्कूलों में नियमित अंतराल पर ‘वॉटर बेल’ बजाई जाए, ताकि छात्र पर्याप्त पानी पिएं और डिहाइड्रेशन से बचे रहें।
- पेयजल की उपलब्धता: हर विद्यालय में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
- समय में बदलाव: जरूरत पड़ने पर स्कूलों के समय में परिवर्तन किया जा सकता है।
- क्लासरूम का वातावरण: कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन, ओआरएस (ORS) और प्राथमिक उपचार की दवाइयां उपलब्ध होनी चाहिए।
- जागरूकता: छात्र-छात्राओं को हीटवेव से बचाव के उपाय सिखाए जाएं।
- हीटवेव एक्शन प्लान: प्रत्येक स्तर पर विद्यालय वार ‘हीटवेव एक्शन प्लान’ तैयार किया जाए।
- खेलकूद पर पाबंदी: भीषण गर्मी के दौरान तेज धूप में बाहर खेलकूद या अन्य शारीरिक गतिविधियों पर रोक रहेगी।
- सुरक्षित वापसी: अवकाश के बाद बच्चों को समूह में घर भेजा जाए ताकि आपात स्थिति में वे एक-दूसरे की मदद कर सकें।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
महानिदेशक ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह मामला सीधे तौर पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को इन निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


