बीकेटीसी ने बिठाई जांच, 3 सप्ताह में रिपोर्ट का लक्ष्य
केदारनाथ धाम वीआईपी मेहमानों का खर्च मामला

देहरादून:
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में वीआईपी मेहमानों के आवास और भोजन के बिलों को मंदिर समिति के फंड से चुकाए जाने के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने संज्ञान लेते हुए अब औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एक आरटीआई (RTI) के माध्यम से यह जानकारी सार्वजनिक हुई थी कि केदारनाथ यात्रा के दौरान कुछ वीआईपी मेहमानों और राजनीतिक हस्तियों के ठहरने व भोजन का खर्च कथित तौर पर मंदिर समिति ने वहन किया था। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। विपक्षी दलों ने इसे भक्तों द्वारा दिए गए दान का दुरुपयोग बताया है।
बीकेटीसी ने गठित की 4 सदस्यीय समिति
आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। मंदिर समिति ने एक 4 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसमें समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) और वित्त नियंत्रक (Financial Controller) भी शामिल हैं।
जांच के मुख्य बिंदु:
- दस्तावेजों की पड़ताल: समिति सभी संबंधित फाइलों और यात्रा रिकॉर्ड की गहन जांच करेगी।
- समय सीमा: जांच रिपोर्ट को 3 सप्ताह के भीतर पूरा कर सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है।
- पारदर्शिता का वादा: बीकेटीसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर मंदिर के धन का दुरुपयोग पाया जाता है, तो दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विवाद पर नेताओं का पक्ष
इस विवाद में जिन प्रमुख हस्तियों के नाम सामने आए, उन्होंने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। संबंधित नेताओं का कहना है कि उन्होंने अपनी तीर्थ यात्रा का खर्च स्वयं उठाया था और मंदिर समिति से किसी भी प्रकार की वित्तीय सुविधा नहीं ली है। उन्होंने मामले की पूरी जांच की मांग का समर्थन भी किया है।
मंदिर समिति के इस कदम को पारदर्शिता बनाए रखने और श्रद्धालुओं की आस्था को सुरक्षित रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें 21 दिनों बाद आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।



