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BREAKING: भारत-ओमान और खाड़ी देशों से गैस पाइपलाइन परियोजना पर पेट्रोलियम मंत्रालय की दो टूक!

समुद्र के नीचे से गैस पाइपलाइन? पेट्रोलियम मंत्रालय ने मीडिया जगत की अटकलों पर तोड़ी चुप्पी!

नई दिल्ली:

पिछले कुछ दिनों से मीडिया गलियारों और सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से तैर रही थी कि भारत सरकार समुद्र के रास्ते खाड़ी देशों से सीधे भारत तक एक विशालकाय गैस पाइपलाइन बिछाने जा रही है। इस कथित महा-परियोजना को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे, लेकिन अब इस पूरे मामले पर देश के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक बड़ा और आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर सभी अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है।

क्या थीं मीडिया में चल रहीं खबरें?

मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हाल ही में मीडिया के एक बड़े हिस्से में ऐसी खबरें आई थीं कि भारत सरकार ‘मध्य पूर्व-भारत डीपवाटर पाइपलाइन’ (MEIDP) नाम के एक प्रोजेक्ट पर बेहद सक्रियता से काम कर रही है। दावा किया जा रहा था कि गहरे समुद्र से होकर गुजरने वाली यह ऊर्जा पाइपलाइन गुजरात को ओमान और अन्य खाड़ी देशों (Gulf Countries) से सीधे जोड़ेगी, ताकि भारत की गैस जरूरतों को पूरा किया जा सके।

इस खबर के सामने आते ही कूटनीतिक और व्यापारिक जगत में हलचल तेज हो गई थी।

मंत्रालय का दोटूक जवाब: “कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं”

लगातार बढ़ रही अफवाहों और अटकलों को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आज (16 जून 2026) एक सख्त स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय के शीर्ष सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक:

  • कोई योजना नहीं: भारत सरकार या पेट्रोलियम मंत्रालय के पास वर्तमान में ऐसा कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन (Under Consideration) नहीं है।

  • बातचीत की खबरें बेबुनियाद: इस कथित ‘गहरे समुद्र वाली पाइपलाइन’ (MEIDP) को लेकर भारत सरकार की ओमान या किसी भी अन्य खाड़ी देश के साथ किसी भी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा या बातचीत नहीं चल रही है।

  • अटकलों पर पूर्णविराम: सरकार ने साफ किया है कि मीडिया में चल रही ये खबरें पूरी तरह से काल्पनिक और तथ्यों से परे हैं।

मंत्रालय का आधिकारिक रुख: “इस संबंध में सभी अटकलों को समाप्त करने के लिए यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है। सरकार इस तरह की किसी भी परियोजना पर फिलहाल काम नहीं कर रही है।”

एक्सपर्ट्स की राय: क्यों चर्चा में आया यह प्रोजेक्ट?

ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों और सूत्रों का कहना है कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है। ओमान और भारत के बीच गहरे समुद्र से पाइपलाइन बिछाने का विचार सालों पुराना है, जिसे तकनीकी और आर्थिक चुनौतियों के कारण ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। यही वजह है कि जब हाल ही में इस पर दोबारा मीडिया रिपोर्ट्स आईं, तो बाजार में सरगर्मी बढ़ गई।

हालांकि, सरकार के इस ताजा और बिल्कुल साफ इनकार के बाद अब यह साफ हो गया है कि निकट भविष्य में ऐसी किसी ‘अंडरवॉटर पाइपलाइन’ की कोई योजना नहीं है। भारत फिलहाल एलएनजी (LNG) जहाजों के जरिए ही खाड़ी देशों से गैस आयात की मौजूदा व्यवस्था को जारी रखेगा।

यह आधिकारिक रिलीज पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) द्वारा जारी की गई है।
इसे पत्र सूचना कार्यालय के माध्यम से जारी किया गया है।
UK Cyber News

Prem Padiyar

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Report By UK Cyber News