कर्णप्रयाग: उक्रांद युवा प्रकोष्ठ की खुली चेतावनी,बाधित हो सकती है यात्रा-आशीष नेगी केंद्रीय अध्यक्ष!

कर्णप्रयाग/चमोली:
उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में हुई हालिया हिंसा को लेकर देवभूमि की राजनीति गर्मा गई है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने सीधे तौर पर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उक्रांद युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों से तीखी बातचीत करते हुए साफ लफ्जों में अल्टीमेटम दे दिया है।
उक्रांद नेता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाले ‘हथियारबंद लोगों’ पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा बाधित हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रशासन के आगे रखी तीन सूत्रीय मांगें
मुलाकात के दौरान उक्रांद युवा प्रकोष्ठ ने प्रशासन के सामने प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी हैं:
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दोषियों पर सख्त कार्रवाई: कर्णप्रयाग कांड को अंजाम देने वाले उपद्रवियों और दोषियों के खिलाफ सुसंगत (कड़ी) धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
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हथियारबंद तत्वों पर प्रतिबंध: बाहरी और संदिग्ध हथियारबंद लोगों की आवाजाही और उनके हथियारों के प्रदर्शन पर तुरंत रोक लगाई जाए, जिससे स्थानीय जनता में खौफ का माहौल खत्म हो सके।
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स्थानीय सुरक्षा: क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाए जाएं।
“अगर हमारी ये तीन सूत्रीय मांगें समय रहते नहीं मानी गईं, तो उत्तराखंड क्रांति दल चुप नहीं बैठेगा। प्रशासन हमारी शांतिप्रियता को कमजोरी न समझे। मांगें पूरी न होने की सूरत में पूरे प्रदेश में एक बड़े और उग्र जन-आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।” – आशीष नेगी, केंद्रीय अध्यक्ष, उक्रांद युवा प्रकोष्ठ
चारधाम यात्रा के मुख्य पड़ावों में से एक होने के कारण कर्णप्रयाग में तनाव का सीधा असर यात्रा पर पड़ सकता है। उक्रांद की इस ‘यात्रा बाधित’ करने की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। स्थानीय जनता में भी इस घटना को लेकर खासा आक्रोश देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि पुलिस-प्रशासन उक्रांद की इन मांगों पर कितनी जल्दी एक्शन लेता है या फिर देवभूमि एक नए आंदोलन की गवाह बनती है।
विशेष रिपोर्ट: प्रेम पड़ियार (वरिष्ठ संवाददाता)



