पूरे उत्तराखण्ड में उबाल।
अंकिता भंडारी हत्या कांड को लेकर जगह जगह हो रहे पुतला दहन।

उत्तराखण्ड/ यूके साइबर न्यूज/। समूचे उत्तराखण्ड में अंकिता हत्या कांड का मुद्दा जोर शोर पर चल रहा है, कथित ओडियो क्लिप वायरल होने के बाद विपक्ष के सभी दल एक सुर में सरकार को घेरने में लगी है। इसी के क्रम में आज टिहरी में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टिहरी जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जोरदार जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। रुद्रपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी संख्या में रैली निकल कर नारेबाजी कर CBI जांच की मांग की।

उत्तराखण्ड क्रांति दल भी विभिन्न जनपदों में कथित VIP का पुतला दहन कर रही है। उत्तराखण्ड क्रांति दल के महानगर देहरादून अध्यक्ष परवीन चंद रमोला व सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष द्वारा देहरादून के बालावाला क्षेत्र के मामचंद चौक पर पुतला दहन किया साथ ही चमोली जिला मुख्यालय में भी यूकेडी द्वारा पुतला दहन किया है।

इस विवाद के बाद सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है, एक दिन पहले सरकार का पक्ष सामने रखने कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सामने आ गए है परन्तु इसका विपक्षी दलों पर कोई असर नजर नहीं आया बल्कि सभी विपक्षी दल और उग्र हो गए है। 4 जनवरी 2026 को सभी दलों ने एक जुट होकर मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम तय किया है। पूरे उत्तराखण्ड की मांग है कि:-
1. CBI जांच की पुरजोर मांग
वर्तमान जांच प्रणाली और SIT पर जनता का भरोसा कम हो रहा है। उन्होंने मांग की कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए इस पूरे मामले की CBI जांच अनिवार्य है।
2. ‘VIP’ नाम के खुलासे पर जोर
हरक सिंह रावत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि उस “VIP” व्यक्ति का नाम अभी तक सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया, जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के रसूखदार लोगों को बचाने के लिए साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है। यही मांग सभी विपक्षी दल कर रहे है।
3. वायरल ऑडियो और नए दावे
हाल ही में अंकिता भंडारी केस से जुड़े कुछ नए ऑडियो और दावे (जैसे पूर्व भाजपा विधायक की पत्नी के बयान) सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। विपक्षी दलों ने इन नए तथ्यों के आधार पर टिहरी की जनता के बीच सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि “सच को दबाया नहीं जा सकता।”
4. सरकार के खिलाफ राजनीतिक घेराबंदी
हरक सिंह रावत ने टिहरी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अंकिता उत्तराखंड की बेटी थी और यह केवल एक हत्याकांड नहीं बल्कि राज्य के स्वाभिमान का मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
हरक सिंह रावत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि “सरकार की आंखें और कान बंद हैं। साक्ष्यों को मिटाने के लिए रिजॉर्ट पर बुलडोजर रात के अंधेरे में चलाया गया। जब तक अंकिता के असली हत्यारों और पर्दे के पीछे बैठे VIP को सजा नहीं मिलती, हम चुप नहीं बैठेंगे।”



