Chamoli police का अनुशासन और सेवा का संगम
वीआईपी दिखावे पर प्रहार और मुसीबत में मददगार

चमोली पुलिस का अनोखा अंदाज कहीं ‘ऑपरेशन प्रहार’ से सबक, तो कहीं मानवता की मिसाल
चमोली/ज्योतिर्मठ:
चारधाम यात्रा के दौरान चमोली पुलिस का अनुशासन और सेवा का भाव एक साथ देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर पुलिस नियमों को तोड़ने वालों पर ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुसीबत में फंसे श्रद्धालुओं के लिए पुलिस ‘फरिश्ता’ बनकर सामने आई है।
वीआईपी का दिखावा करने वालों पर चला डंडा
बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मारवाड़ी के पास यातायात पुलिस ने उन लोगों को सबक सिखाया जो फर्जी नेम प्लेट और हूटर की आड़ में अपना रौब दिखाते हैं। जाम की स्थिति के बीच एक स्कॉर्पियो (UP 16BL 2699) तेज हूटर बजाते हुए लंबी कतार को नजरअंदाज कर जबरन निकलने का प्रयास कर रही थी।
यातायात निरीक्षक जितेन्द्र जोशी और योगेश सक्सेना ने संदिग्ध वाहन को रोककर जब जांच की, तो परतें खुल गईं। वाहन पर लगी नेम प्लेट जिस प्रभावशाली व्यक्ति की थी, वह गाड़ी में मौजूद ही नहीं था। साथ ही वाहन में अवैध हूटर का प्रयोग भी पाया गया। पुलिस ने तुरंत मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी चालानी कार्रवाई की और चेतावनी दी कि भविष्य में यदि यातायात नियमों का उल्लंघन किया गया, तो कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं दूसरी तरफ पुलिस का मानवीय चेहरा भी आया सामने
एक तरफ जहाँ नियमों के प्रति सख्ती दिखी, तो दूसरी तरफ ज्योतिर्मठ पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की। विष्णुप्रयाग क्षेत्र में जाम के दौरान एक महिला तीर्थयात्री अचानक गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। एंबुलेंस के लिए रास्ता मिलना मुश्किल था, ऐसे में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मी तत्काल हरकत में आए।
पुलिस के जवानों ने बिना समय गंवाए घायल महिला को स्ट्रेचर पर लिटाया और भीड़-भाड़ वाले जाम के बीच पैदल चलते हुए उसे सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योतिर्मठ पहुंचाया। खाकी का यह मानवीय रूप देखकर वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं ने पुलिस के इस जज्बे की सराहना की।
चमोली पुलिस का यह दोहरा रवैया स्पष्ट संदेश देता है, नियम तोड़ने वालों के लिए पुलिस का ‘प्रहार’ जारी रहेगा, लेकिन मुसीबत में फंसे हर व्यक्ति की मदद के लिए ‘खाकी’ हमेशा तत्पर है।



