
देहरादून (यूके साइबर न्यूज) 01/11/2025 आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी देहरादून में मदरसों पर घोषणा की है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि राज्य में केवल वही मदरसे संचालित हो पाएँगे जो सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाएँगे।
प्रमुख बातें और समय रेखा
* सरकारी पाठ्यक्रम की अनिवार्यता: मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे चलेंगे जिनमें सरकारी बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा।
* मदरसा बोर्ड की समाप्ति: उत्तराखंड सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक, 2025 (Minority Education Bill, 2025) को लागू कर उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया है।
* आधुनिकीकरण और मुख्यधारा: इस कदम का उद्देश्य मदरसों के छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करना, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और भविष्य में प्रतिस्पर्धा के समान अवसर देना है।
* अवैध मदरसों पर कार्रवाई: सरकार अवैध रूप से संचालित मदरसों और अतिक्रमण के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने दावा किया है कि राज्य में अब तक 250 से अधिक मदरसों को सील किया गया है।
* NCERT पाठ्यक्रम: इस पहल के तहत, मदरसों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है, और उनमें NCERT का पाठ्यक्रम (Syllabus) भी शामिल किया जाएगा ताकि छात्रों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक और व्यावसायिक ज्ञान भी मिल सके।
यह निर्णय मदरसा शिक्षा में पारदर्शिता लाने और शैक्षणिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


