उत्तराखण्ड

AI के विस्तार को लेकर CTO का विश्वास लगातार तीसरे साल कमजोर पड़ा: अक्कोडिस रिपोर्ट

CTO क्या सोचते हैं 2026: आत्मविश्वास के साथ एजेंटिक उद्यम का विस्तार रिपोर्ट में पहली बार नवाचार को डिजिटल निवेश का प्रमुख चालक बताया गया

कॉर्पोरेट समाचार | Newsvoir

ज्यूरिख, स्विट्ज़रलैंड।

डिजिटल इंजीनियरिंग कंसल्टिंग में वैश्विक स्तर पर कार्यरत अक्कोडिस की नई रिसर्च रिपोर्ट में सामने आया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बड़े पैमाने पर लागू करने को लेकर चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर्स (CTOs) का भरोसा लगातार तीसरे वर्ष कम हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 2024 में जहां 82 प्रतिशत CTO AI को सफलतापूर्वक स्केल करने को लेकर आश्वस्त थे, वहीं 2026 तक यह आंकड़ा घटकर 48 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब AI अपनाने की रफ्तार तेज हो रही है और कंपनियों पर बड़े पैमाने पर परिणाम देने का दबाव बढ़ रहा है।

अक्कोडिस की रिपोर्ट “What CTOs Think 2026: Scaling the Agentic Enterprise with Confidence” में 500 CTOs की राय शामिल की गई है। यह अध्ययन Adecco Group की व्यापक Business Leaders 2026 Research का हिस्सा है, जिसमें 2,000 C-suite अधिकारियों की प्रतिक्रियाएं शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार AI में निवेश लगातार बढ़ रहा है, लेकिन संगठनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती तकनीक तक पहुंच नहीं बल्कि उसे अपनी प्रणालियों, कार्यप्रवाहों और निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी रूप से एकीकृत करना है।

एजेंटिक AI सबसे प्रभावशाली तकनीकी रुझान

रिपोर्ट में एजेंटिक AI को 2026 का सबसे प्रभावशाली तकनीकी ट्रेंड बताया गया है। एजेंटिक AI ऐसे सिस्टम हैं जो योजना बना सकते हैं, निर्णय ले सकते हैं और कार्यों को पूरा कर सकते हैं। लगभग 40 प्रतिशत CTOs ने इसे आने वाले वर्षों में संगठनों को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी विकास बताया।

रिपोर्ट के अनुसार यह बदलाव AI को केवल सहायता प्रदान करने वाले टूल से आगे ले जाकर ऐसे सिस्टम में बदल रहा है जो कार्य निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इसके चलते गवर्नेंस, जवाबदेही और संचालन मॉडल से जुड़ी नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं।

इंसान और मशीन के बीच कार्य विभाजन अभी भी चुनौती

अध्ययन में पाया गया कि 57 प्रतिशत CTO AI का उपयोग यह पहचानने के लिए कर रहे हैं कि कौन से कार्य मनुष्यों के लिए अधिक उपयुक्त हैं और कौन से मशीनों के लिए। हालांकि, कार्यों के स्पष्ट विभाजन को लेकर अभी भी पर्याप्त स्पष्टता नहीं है, जिससे AI विस्तार की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

AI को स्केल करने में कंपनियों को क्यों हो रही है मुश्किल

रिपोर्ट के अनुसार अब चुनौती AI को लागू करने की नहीं बल्कि उसे संस्थागत कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने की है। जैसे-जैसे संगठन पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़ रहे हैं, नेतृत्व समन्वय, गवर्नेंस और कर्मचारियों के भरोसे से जुड़ी जटिलताएं बढ़ती जा रही हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि:

  • केवल 44 प्रतिशत CTO मानते हैं कि उनकी नेतृत्व टीमों को AI की पर्याप्त समझ है।
  • सिर्फ 46 प्रतिशत संगठनों के पास जिम्मेदार AI के लिए स्थापित फ्रेमवर्क मौजूद हैं।
  • केवल 36 प्रतिशत CTO अपने कर्मचारियों के AI पर भरोसे के स्तर से संतुष्ट हैं।

इसके अलावा AI विस्तार में प्रमुख बाधाओं के रूप में निम्न कारकों की पहचान की गई है:

  • इन-हाउस तकनीकी विशेषज्ञता की कमी – 32 प्रतिशत
  • निवेश पर रिटर्न (ROI) को लेकर अनिश्चितता – 31 प्रतिशत
  • व्यवसाय स्तर पर पर्याप्त प्राथमिकता या अर्जेंसी का अभाव – 27 प्रतिशत

रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि AI विस्तार अब तकनीकी चुनौती से अधिक एक परिचालन (Operational) चुनौती बन गया है, जिसके लिए संगठनों को अपने सिस्टम, प्रक्रियाओं और निर्णय लेने के तरीकों को पुनर्गठित करने की आवश्यकता है।

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का फोकस नवाचार की ओर

रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी सामने आया है कि पहली बार CTOs ने डिजिटल निवेश का मुख्य चालक कार्यक्षमता (Efficiency) नहीं बल्कि नवाचार (Innovation) को बताया है।

रिपोर्ट के अनुसार जैसे-जैसे AI की क्षमताएं विकसित हो रही हैं, केवल उत्पादकता बढ़ाने से मिलने वाले लाभ सीमित होते जा रहे हैं। ऐसे में कंपनियां प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने के लिए नवाचार, नए बिजनेस मॉडल और विकास के अवसरों पर अधिक ध्यान दे रही हैं।

हालांकि यह बदलाव वैश्विक स्तर पर दिखाई दे रहा है, लेकिन विभिन्न उद्योगों की प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं। एयरोस्पेस क्षेत्र में वर्कफोर्स डेवलपमेंट, लाइफ साइंसेज में नवाचार की गति बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र में रेजिलिएंस बढ़ाने पर विशेष फोकस देखा गया।

AI काम को बदल रहा है, नौकरियां खत्म नहीं

रिपोर्ट में कहा गया है कि AI का प्रभाव रोजगार समाप्त करने की बजाय कार्यों और कौशलों की प्रकृति को बदलने के रूप में सामने आ रहा है।

अध्ययन के अनुसार:

  • 50 प्रतिशत CTOs ने आवश्यक कौशलों में बदलाव की सूचना दी।
  • 49 प्रतिशत ने कर्मचारियों की दैनिक गतिविधियों में बदलाव की बात कही।
  • केवल 21 प्रतिशत ने AI के कारण कार्यबल में कमी की रिपोर्ट दी।

रिपोर्ट का कहना है कि संगठनों को मानव और AI आधारित मिश्रित कार्यबल (Hybrid Human-AI Workforce) के अनुरूप अपने कार्यप्रवाह और जिम्मेदारियों को पुनर्परिभाषित करना होगा।

AI अपनाने में यथार्थवाद का दौर

अक्कोडिस के प्रेसिडेंट एवं CEO जो डेबेकर ने कहा कि वर्तमान स्थिति AI अपनाने में कमी नहीं बल्कि यथार्थवादी दृष्टिकोण के उभरने को दर्शाती है।

उनके अनुसार संगठन अब प्रयोगों के चरण से आगे बढ़कर वास्तविक व्यावसायिक वातावरण में AI को स्केल करने की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सफल कंपनियां वे होंगी जो अपने संचालन मॉडल को पुनः डिज़ाइन करते हुए तकनीक, मानव विशेषज्ञता और गवर्नेंस को एक साथ जोड़ सकें।

AI विस्तार के तीन उभरते मॉडल

रिपोर्ट में AI अपनाने वाले संगठनों के तीन प्रमुख मॉडल बताए गए हैं:

कार्य ऑटोमेटर्स (Task Automators): जो मुख्य रूप से कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए AI का उपयोग करते हैं।

पायलट ऑपरेटर्स (Pilot Operators): जो AI के साथ प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन उसे बड़े स्तर पर लागू करने में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

एंटरप्राइज ऑर्केस्ट्रेटर्स (Enterprise Orchestrators): जो AI को कार्यप्रवाह, निर्णय प्रक्रिया और संगठनात्मक संचालन में व्यापक रूप से शामिल कर चुके हैं।

रिपोर्ट के अनुसार सबसे सफल संगठन वे हैं जो अलग-अलग पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर AI को अपने सिस्टम, प्रक्रियाओं और टीमों में एकीकृत करते हैं तथा तकनीक और मानव विशेषज्ञता के संयोजन से मापनीय परिणाम प्राप्त करते हैं।

स्रोत: Newsvoir
डिस्क्लेमर: यह सामग्री Newsvoir द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। सामग्री को केवल संपादकीय प्रस्तुति और पठनीयता के उद्देश्य से पुनर्संपादित किया गया है। समाचार में व्यक्त तथ्य, आंकड़े, दावे और विचार संबंधित संस्था एवं रिपोर्ट के हैं। प्रकाशक उनकी स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं करता।
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Prem Padiyar

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Report By UK Cyber News