उत्तराखण्ड में मानसून मेहरबान, पहाड़ों में भारी बारिश का खतरा।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता एडवायजरी।

उत्तराखण्ड मौसम अपडेट:
देहरादून, 27 जुलाई 2026। उत्तराखण्ड में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। सोमवार को राज्य के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम और कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी है। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टानें गिरने और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका बनी हुई है।
गढ़वाल और कुमाऊँ मंडल के कई जिलों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही जारी है। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
लगातार बारिश का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ सकता है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन की घटनाएँ सामने आ सकती हैं। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा शुरू करने की अपील की है।
मैदानी जिलों हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून में भी रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। वहीं, पर्वतीय इलाकों में छोटे-छोटे नाले उफान पर आ सकते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे न जाएँ, अनावश्यक यात्रा से बचें और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों और ऊँचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचने की सलाह दी गई है।
प्रदेश सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों को अलर्ट मोड पर रखा है। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 से 48 घंटों तक उत्तराखण्ड में मानसून सक्रिय रहेगा। ऐसे में लोगों से सावधानी बरतने और मौसम संबंधी आधिकारिक अपडेट पर नज़र बनाए रखने की अपील की गई है।



