देहरादून: सेठ जी को बदतमीजी पड़ी भारी, काली सेना ने होटल में उजागर किया अवैध शराब का खेल!
मालदेवता अमारा वुड्स होटल पर 'काली सेना' ने बोला धावा!

देहरादून। मालदेवता:
एक समय था जब उत्तराखंड की पहचान विश्व पटल पर इसके पवित्र धार्मिक स्थलों और उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों के लिए होती थी। लेकिन आज, देवभूमि का यह गौरवशाली इतिहास धुंधला होता दिख रहा है। प्रदेश में बढ़ते अपराध, नशे की संस्कृति और अनैतिक गतिविधियों ने अब स्थानीय निवासियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है।
इसी कड़ी में, ‘काली सेना’ के अध्यक्ष श्री भूपेश जोशी, जो अपनी बेबाकी और निडर कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, ने एक बड़ी मुहिम छेड़ दी है।
क्या है पूरा मामला?
ताजा मामला देहरादून मालदेवता के ‘अमारा वुड्स’ (Amara Woods) होटल का सामने आया है।
वीडियो साभार सोशल मीडिया
वीडीओ में कुछ आपत्तिजनक शब्द भी है जिन्हें पाठकों को नही सुनाया जा सकता है।
पूरे विवाद की शुरुआत एक फोन कॉल से हुई। जब एक पहाड़ी युवक ने होटल के मालिक से काम के सिलसिले में बात करते हुए उसे सेठ जी न कहकर, ‘भाई साहब’ शब्द से संबोधित किया, तो मालिक का अहंकार जाग उठा। उसने युवक को न केवल गालियाँ दीं, बल्कि उसकी अस्मिता पर प्रहार करते हुए बेहद अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। यह ऑडियो वायरल होते ही उत्तराखंड के युवाओं में उबाल आ गया। भूपेश जोशी के नेतृत्व में काली सेना के कार्यकर्ताओं ने होटल पर धावा बोल दिया। जहां जाने पर कार्यकर्ताओं का आरोप है कि होटल की आड़ में यहाँ न केवल शराब और बीयर का अवैध भंडारण किया जा रहा है, बल्कि यहाँ असामाजिक और अनैतिक गतिविधियाँ भी संचालित की जा रही हैं।
रंगे हाथों पकड़ा गया खेल
वीडियो में भूपेश जोशी और उनकी काली सेना की टीम होटल प्रबंधन की पोल खोलते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी में होटल के कमरों से बीयर की पेटियों का जखीरा बरामद किया गया है। इतना ही नहीं, श्री जोशी ने होटल के ‘विजिटर रजिस्टर’ की भी जांच की, जिसमें गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित रिकॉर्ड और पहचान-पत्र के यहाँ लोगों को ठहराया जा रहा है।
पहाड़ी स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प
श्री भूपेश जोशी ने इस पूरी कार्रवाई के पीछे एक ठोस वजह बताई। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल प्रबंधन द्वारा एक पहाड़ी युवक के साथ बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और उनके परिवार के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की गई। अपनी बेबाक शैली में श्री जोशी ने चेतावनी दी है कि
“पहाड़ी स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जो लोग देवभूमि की पवित्रता को नशाखोरी और अय्याशी का अड्डा बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें अब काली सेना का सामना करना होगा।”
बड़ा सवाल: प्रशासन की चुप्पी क्यों?
श्री भूपेश जोशी ने सवाल उठाया है कि आखिर छोटे से रिसॉर्ट के पास शराब का इतना बड़ा जखीरा कहाँ से आया? क्या स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग को इसकी भनक नहीं थी? या फिर मिलीभगत के चलते यह धंधा फलता-फूलता रहा?
यह घटना पूरे उत्तराखंड के लिए एक चेतावनी है। यदि समय रहते इन अवैध अड्डों पर लगाम नहीं कसी गई, तो आने वाली पीढ़ी को हम क्या विरासत देंगे? फिलहाल, काली सेना की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और अब जनता की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
वायरल वीडियो बना आधार
इस पूरी कार्यवाही की वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई है, जिसमें होटल प्रबंधन की कलई खुलती हुई साफ देखी जा सकती है। जिसने प्रशासन और जनता दोनों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि देवभूमि में कानून-व्यवस्था की स्थिति क्या है।



