देहरादून: निजी स्कूलों की फीस डकैती के खिलाफ उक्रांद का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट के गेट तोड़कर अंदर घुसे कार्यकर्ता
महानगर अध्यक्ष प्रवीण रमोला के नेतृत्व में प्रदर्शन, सिटी मजिस्ट्रेट के साथ हुई तीखी नोकझोंक

देहरादून। राजधानी देहरादून के निजी स्कूलों द्वारा नए सत्र के नाम पर की जा रही अवैध वसूली और मनमानी के खिलाफ आज उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया। महानगर अध्यक्ष प्रवीण चंद रमोला के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन इतना उग्र रहा कि आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के दोनों गेट तोड़ दिए और अंदर दाखिल हो गए, जहां पुलिस और सिटी मजिस्ट्रेट के साथ उनकी जोरदार झड़प हुई।
अभिभावकों की जेब पर डाका बर्दाश्त नहीं: प्रवीण रमोला
महंगी किताबें और ड्रेस के नाम पर कमीशनखोरी का आरोप
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रवीण रमोला ने कहा कि हर साल नए शैक्षणिक सत्र के नाम पर निजी स्कूल अभिभावकों पर अनावश्यक फीस वृद्धि का बोझ डाल देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन और चुनिंदा विक्रेताओं के बीच ‘साठगांठ’ है, जिसके कारण अभिभावकों को बाजार से दोगुनी कीमत पर किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।
पारदर्शिता के नाम पर शून्य है प्राइवेट स्कूल एजुकेशन एक्ट
केंद्रीय महामंत्री किरन रावत ने उठाई अतिरिक्त शुल्कों की जांच की मांग
दल की केंद्रीय महामंत्री किरन रावत ने कहा कि एडमिशन, डेवलपमेंट, स्मार्ट क्लास और एक्टिविटी फीस के नाम पर वसूली जा रही रकम का कोई हिसाब-किताब नहीं है। उन्होंने मांग की कि निजी स्कूलों की फीस संरचना (Fee Structure) की तत्काल प्रशासनिक समीक्षा की जाए और फीस को विनियमित (Regulate) किया जाए।
RTE के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे स्कूल
संगठन मंत्री कपिल कुमार ने 25% आरक्षण पर उठाए सवाल
महानगर संगठन मंत्री कपिल कुमार ने शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के उल्लंघन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के बच्चों के दाखिले में अनियमितताएं बरत रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सभी स्कूलों में RTE के तहत हुए प्रवेशों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
छात्रों के साथ मारपीट: दून डिफेंस ड्रीमर्स एकेडमी पर कार्रवाई की मांग
महानगर संगठन मंत्री जितेंद्र ने मारपीट के मामले में घेरा
प्रदर्शन के दौरान एक गंभीर मामला सहस्रधारा क्रॉसिंग स्थित ‘दून डिफेंस ड्रीमर्स एकेडमी’ का भी उठा। संगठन मंत्री जितेंद्र ने बताया कि रुद्रप्रयाग के दो छात्रों के साथ पूरी फीस देने के बावजूद मारपीट की गई और उन्हें डरा-धमका कर भगा दिया गया। उक्रांद ने इस संस्थान के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
उक्रांद की प्रमुख मांगें एक नजर में:
- NCERT अनिवार्य हो: निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों पर पूर्ण प्रतिबंध लगे।
- मोनोपॉली खत्म हो: किसी एक निर्धारित दुकान से सामान खरीदने की बाध्यता खत्म हो।
- फीस का भुगतान: फीस बकाया होने पर बच्चे का प्रवेश न रोका जाए, किस्तों की सुविधा मिले।
- सुरक्षा मानक: स्कूल बसों के किराए का निर्धारण हो और सुरक्षा मानकों का पालन हो।
- शिकायत निवारण: जिला स्तर पर अभिभावकों की शिकायतों के लिए प्रभावी तंत्र बने।
सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में केंद्रीय महामंत्री रघुवीर सिंह राणा, महानगर उपाध्यक्ष अनिल भंडारी, महानगर महामंत्री राजीव नौटियाल, निश्चित मनराल, संगठन मंत्री अनूप बिष्ट, भोला चमोली, गजेंद्र नेगी, प्रेम पडियार, गिरीश कोठारी, संतोष नौटियाल, राम भट्ट, रीता देवी, सुमन नेगी, सचिन कुमार, शुभम सेमवाल और राजेश्वरी रावत सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डिस्क्लेमर: उपरोक्त समाचार उत्तराखंड क्रांति दल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और मौके पर मौजूद हमारे संवाददाता प्रेम पडियार जी की जानकारी पर आधारित है। इस खबर का उद्देश्य किसी संस्थान की छवि धूमिल करना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। संबंधित पक्ष (निजी स्कूल या एकेडमी) यदि अपना पक्ष रखना चाहें, तो उनका स्वागत है।



