नेपाल में दोहरी मार: गृह मंत्री का इस्तीफा और उग्र होता छात्र आंदोलन
बालेन शाह सरकार के सामने बड़ी चुनौती
काठमांडू:
नेपाल में बालेन शाह के नेतृत्व वाली नई सरकार के सामने संकट गहरा गया है। एक तरफ जहाँ सरकार अपने ही मंत्रिमंडल के भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ देश की सड़कों पर छात्र और आम जनता का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रमुख मीडिया एजेंसियों जैसे ANI और द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह राजनीतिक और सामाजिक असंतोष सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
राजनीतिक भूचाल: गृह मंत्री सुदन गुरुंग का इस्तीफा
सरकार की साख बचाने की कोशिश में गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने 22 अप्रैल 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गुरुंग पर विवादित व्यवसायी दीपक भट्ट के साथ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के आरोप लगे थे। द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष और जनता के बढ़ते दबाव के कारण नैतिक आधार पर उन्होंने यह कदम उठाया। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने अब गृह मंत्रालय का कार्यभार खुद संभाल लिया है, लेकिन यह इस्तीफा सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
सामाजिक आक्रोश: छात्र आंदोलन और कस्टम ड्यूटी का विवाद
राजनीतिक उठा-पटक के बीच, नेपाल की सड़कों पर आम जनता और छात्रों का गुस्सा भी चरम पर है। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दों पर केंद्रित है:
- कस्टम ड्यूटी का प्रहार: सरकार ने भारत से आने वाले 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर अनिवार्य कस्टम ड्यूटी लगा दी है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम लोगों के लिए यह फैसला उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा हमला है, जिससे भारी नाराजगी है।
- सड़कों पर छात्र: सरकार के सख्त रवैये और संवादहीनता के खिलाफ छात्र संगठन लामबंद हो गए हैं। पूरे देश में छात्र अपनी स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर सड़कों पर उतर रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि आंदोलन अब सरकार के लिए एक बड़ी मुश्किल बन चुका है। छात्रों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को अनसुना कर रही है।
आगे की राह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बालेन शाह सरकार को इस दोतरफा दबाव को संभालने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे। जहाँ एक ओर भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच सरकार की साख के लिए जरूरी है, वहीं दूसरी ओर जनता की आर्थिक जरूरतों (कस्टम ड्यूटी) और छात्रों के असंतोष को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है।
नेपाल के राजनीतिक भविष्य के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।
डिस्क्लेमर:-
यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों (जैसे ANI, द इंडियन एक्सप्रेस, द हिंदू) की रिपोर्टों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय समाचार अपडेट्स के संकलन पर आधारित है। ‘UK Cyber News’ का उद्देश्य जनहित में निष्पक्ष और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है।



