अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग लिए लोक गायक भी आए आगे।
नरेंद्र सिंह नेगी, किशन महिपाल, और प्रीतम भरतवाण सहित अनेक लोक गायकों ने कहा एक बेटी को पूर्ण न्याय न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण।

अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के इतिहास में एक ऐसा मामला बन चुका है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हाल ही में इस मामले में लोक कलाकारों ने भी अपनी आवाज बुलंद की है और CBI जांच की मांग को और तेज कर दिया है।
उत्तराखंड की संस्कृति के ध्वजवाहक माने जाने वाले कई प्रमुख लोक कलाकारों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए एकजुटता दिखाई है। उनका कहना है कि घटना के काफी समय बीत जाने के बाद भी VIP के नाम का खुलासा न होना चिंताजनक है। कलाकारों का मानना है कि स्थानीय पुलिस और एसआईटी (SIT) की जांच पर कई सवाल उठे हैं, इसलिए निष्पक्षता के लिए मामले को CBI को सौंपा जाना चाहिए सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से कलाकारों ने गीत और नारों के जरिए इस मांग को जन-जन तक पहुँचाया है। लोक गायक प्रीतम भरतवाण, नरेंद्र सिंह नेगी और किशन महिपाल ने इस मामले में प्रतिक्रिया दी है।
आपको बता दें कि मई 2025 में कोटद्वार कोर्ट ने मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले का दिसंबर 2025 के अंत में एक कथित ‘ऑडियो क्लिप’ वायरल होने और कुछ नए दावों के बाद इस मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों के साथ-साथ अब लोक कलाकारों ने भी फिर से जांच की मांग उठाई है। पुलिस महानिदेशक और राज्य सरकार का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की गई है और दोषियों को सजा मिल चुकी है। हालांकि, नए तथ्यों के आने पर जांच की बात भी कही गई है। स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांगें है कि:
- उस “VIP” व्यक्ति के नाम का खुलासा हो जिसके लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था।
- मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में CBI से कराई जाए।
- सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई हो।
उत्तराखंड के लोग इसे केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि “पहाड़ की बेटी” के सम्मान की लड़ाई मान रहे हैं।



