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वन विभाग की तत्परता: घर में घुसा सांप, टीम ने दिखाई दिलेरी और कुशलता

1926 पर कॉल के बाद मिला त्वरित समाधान

देहरादून। नकरौंदा:

 वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष के इस दौर में, वन विभाग की त्वरित कार्यवाही ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे आमजन की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। कुछ देर पहले एक ऐसी ही घटना सामने आई जहाँ घर में अचानक सांप घुस जाने से अफरा-तफरी मच गई।

​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, तत्काल वन विभाग के टोल फ्री नंबर 1926 पर संपर्क किया गया। विभाग की कार्यशैली का लोहा उस वक्त माना गया, जब कॉल करते ही न केवल त्वरित प्रतिक्रिया मिली, बल्कि तुरंत स्थानीय वन चौकी से संपर्क स्थापित करवाया गया। वहां मौजूद महिला अधिकारी जोशी मैडम ने अत्यंत संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत अपनी टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया।

​मौके पर पहुँचे वन विभाग के जांबाज कर्मचारी श्री राजकुमार और शमशाद अली ने जिस कुशलता और धैर्य के साथ उस वन्यजीव को सुरक्षित रेस्क्यू किया, वह काबिले-तारीफ है। हालांकि सांप का आकार बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन टीम ने सतर्क करते हुए बताया कि यह प्रजाति अपनी फुर्ती और आक्रामक स्वभाव के लिए जानी जाती है। फॉरेस्ट गॉर्ड राजकुमार और शमशाद अली ने अपने अनुभव और पेशेवर कौशल का परिचय देते हुए बिना किसी को नुकसान पहुँचाए सांप को पकड़ा और सुरक्षित जंगल में छोड़ने की व्यवस्था की।

Rescue photo

वन विभाग के सेवाभाव को सलाम

​पिछले कुछ दिनों में जिस तरह से हमारे पहाड़ों में भीषण आग की घटनाएं हुई हैं, उसे बुझाने के दौरान वन विभाग के कई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डाली, कई घायल हुए और कितनों ने तो अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे कठिन समय में भी उनकी यह तत्परता और आम लोगों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि विभाग अपने कर्तव्यों के प्रति कितना समर्पित है।

​वन विभाग की इस पूरी टीम को उनके त्वरित और सराहनीय कार्य के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। आपकी निडरता और सेवा की भावना ही हम नागरिकों का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

जनहित में:
उत्तराखंड वन विभाग का टोल-फ्री नंबर 1926 किसी भी आपदा या आपातकाल में एक मजबूत स्तंभ है। चाहे वनाग्नि (जंगल की आग) का संकट हो या रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों की दस्तक विभाग की यह हेल्पलाइन आमजन की सुरक्षा के लिए 24×7 समर्पित है। जागरूक बनें, सुरक्षित रहें और किसी भी आपात स्थिति में 1926 पर सूचना देकर वन विभाग के इन जांबाज रक्षकों का सहयोग करें।
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Prem Padiyar

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Report By UK Cyber News