₹1.11 लाख करोड़ के बजट के साथ समर्थ व समावेशी उत्तराखंड की दिशा में कदम, मिशन 2027 पर सरकार का फोकस
विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर फोकस, मिशन 2027 के तहत आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य।

देहरादून। भराड़ीसैण। गैरसैण।चमोली
उत्तराखंड सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट पेश किया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में पेश किए गए इस बजट में राज्य को “समर्थ व समावेशी उत्तराखंड” बनाने और वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर राज्य की दिशा में आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का कहना है कि यह बजट विकास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित है, जिससे राज्य के हर वर्ग को लाभ मिल सके।
बजट में 10.41 प्रतिशत की वृद्धि।राज्य सरकार के अनुसार इस बार का बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10.41 प्रतिशत अधिक है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में विकास कार्यों को गति मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
मिशन 2027: आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य
सरकार ने मिशन 2027 को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं की रूपरेखा तैयार की है। इसका उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना, ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत करना और पर्यटन व उद्योग के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देना है।
इंफोग्राफिक में वर्ष 2017, 2022 और 2027 की विकास यात्रा को दर्शाते हुए यह दिखाया गया है कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बजट की प्रमुख घोषणाएँ
शिक्षा और ज्ञान क्षेत्र
ज्ञान शक्ति – ₹787 करोड़
शिक्षा और कौशल विकास को मजबूत करने के लिए।
शहरी विकास
आधुनिक शहर – ₹1407 करोड़
शहरों में बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए।
ग्रामीण विकास
समृद्ध गांव – ₹1642 करोड़
गांवों में रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए।
ऊर्जा क्षेत्र
ऊर्जा शक्ति – ₹1609 करोड़
बिजली उत्पादन और ऊर्जा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए।
आवास, पर्यटन और सड़क विकास पर जोर
अपना घर योजना – ₹354 करोड़
गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए।
पर्यटन विकास – ₹100 करोड़
पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार बढ़ाने के लिए।
अंत्योदय योजना – ₹1027 करोड़
समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए।
मजबूत सड़कें – ₹2501 करोड़
राज्य में सड़क और परिवहन ढांचे को बेहतर बनाने के लिए।
पूंजीगत व्यय में बड़ा निवेश
राज्य सरकार ने ₹18,152.73 करोड़ पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के लिए प्रस्तावित किए हैं। इसका उपयोग सड़क, पुल, ऊर्जा परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाएगा।
“इसी बीच बजट सत्र के दौरान राज्य की राजनीति भी गरमाती नजर आई।”
बजट सत्र के दौरान सदन के बाहर राजनीतिक हलचल
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल भी गर्म दिखाई दिया। बजट पेश होने के दौरान सदन के बाहर Uttarakhand Kranti Dal (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर नारेबाजी की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्का तनाव भी देखने को मिला और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।
हालिया सरकारी गतिविधियों के साथ बजट की दिशा
पिछले कुछ समय में राज्य सरकार ने पर्यटन विकास, निवेश आकर्षित करने और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। बजट में भी इन क्षेत्रों को प्राथमिकता देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश दिखाई देती है।
विशेषज्ञों की नजर में बजट
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में विकास योजनाओं की रूपरेखा व्यापक है। हालांकि इसकी सफलता काफी हद तक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता पर निर्भर करेगी।
कुछ मुद्दे जिन पर और ध्यान देने की जरूरत
पलायन की चुनौती
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। बजट में रोजगार और स्वरोजगार योजनाओं का प्रावधान है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि पलायन रोकने के लिए और ठोस नीति की जरूरत होगी।
स्वास्थ्य ढांचा
पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अभी भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। कई जगहों पर डॉक्टरों और आधुनिक सुविधाओं की कमी की बात सामने आती रही है।
आपदा प्रबंधन
उत्तराखंड भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य है, जहां भूस्खलन, बादल फटना और अन्य प्राकृतिक आपदाएँ अक्सर देखने को मिलती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आपदा प्रबंधन और सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा।
पहाड़ी कृषि और स्थानीय उत्पाद
राज्य में ऑर्गेनिक खेती, जड़ी-बूटी और पहाड़ी उत्पादों की काफी संभावनाएँ हैं। इन क्षेत्रों में बड़े बाजार और प्रोसेसिंग सुविधाओं के विकास से किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर यह बजट उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और सामाजिक योजनाओं का लाभ ज्यादा लोगों तक पहुंचेगा।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि पलायन, स्वास्थ्य सेवाएं और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में निरंतर सुधार और प्रभावी क्रियान्वयन राज्य के भविष्य के लिए अहम होंगे।
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