BREAKING: गैरसैंण में उक्रांद का ऐतिहासिक बैरिकेड तोड़ प्रदर्शन; युवा अध्यक्ष आशीष नेगी की सरकार को दोटूक – यह तो सिर्फ झांकी है!
गढ़वाल और कुमाऊं की एकजुट ताकत: उक्रांद का भराड़ीसैंण में राजधानी के लिए महासंग्राम

गैरसैंण (भराड़ीसैंण) | 9 मार्च, 2026
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आज लोकतंत्र का एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने स्थायी राजधानी की मांग को लेकर चल रहे बजट सत्र के बीच वो कर दिखाया, जो राज्य के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। सुरक्षा के तमाम दावों को धत्ता बताते हुए, उक्रांद के जांबाजों ने पुलिस की चार-स्तरीय बैरिकेडिंग को तहस-नहस कर दिया और विधानसभा भवन के अति-संवेदनशील क्षेत्र में दाखिल हो गए।
वरिष्ठ पत्रकार प्रेम सिंह पडियार की विशेष कवरेज
इस पूरे घटनाक्रम को जनता तक पहुँचाने और मौके से सटीक जानकारी साझा करने में UK Cyber News के वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रेम सिंह पडियार की अहम भूमिका रही। पडियार जी ने अपनी अनुभवी नज़र और निडर पत्रकारिता के जरिए उस वक्त की हर हलचल को रिकॉर्ड किया जब विधानसभा के बाहर हालात बेकाबू हो रहे थे। उनके द्वारा भेजी गई रिपोर्ट्स ने ही इस आंदोलन की गूँज को डिजिटल माध्यमों तक पहुँचाया।
रणक्षेत्र बना भराड़ीसैंण: आशीष नेगी के नेतृत्व में क्रांति
बजट सत्र की कार्यवाही के बीच, बाहर का माहौल पूरी तरह ‘क्रांतिमय’ हो गया। उक्रांद के जुझारू युवा नेता और प्रदेश युवा अध्यक्ष आशीष नेगी के नेतृत्व में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों का सैलाब विधानसभा की ओर बढ़ा। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए चार अलग-अलग स्थानों पर मजबूत लोहे के बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन “गैरसैंण राजधानी” के नारों के आगे वे टिक न सके।
आशीष नेगी और कार्यकर्ताओं के जज्बे के आगे पुलिस लाचार नज़र आई और प्रदर्शनकारी एक के बाद एक चारों बैरिकेड्स तोड़ते हुए विधानसभा भवन के मुहाने तक जा पहुंचे। इस ऐतिहासिक ‘बैरिकेड तोड़’ प्रदर्शन से प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस के आला अधिकारियों और स्वयं राजभवन के हस्तक्षेप व सूझबूझ से ही कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर वापस भेजा जा सका।
आशीष नेगी की दोटूक: यह सिर्फ शुरुआत है, दमन किया तो ईंट से ईंट बजा देंगे
विधानसभा के इतने करीब पहुँचकर अपनी ताकत का अहसास कराने के बाद, UK Cyber News से विशेष बातचीत में उक्रांद युवा अध्यक्ष आशीष नेगी ने सरकार को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने आज के प्रदर्शन को महज एक ‘ट्रेलर’ बताया।
नेगी ने गरजते हुए कहा:
“आज का यह प्रदर्शन तो सिर्फ एक झांकी थी। धामी सरकार यह न समझे कि बैरिकेड्स लगाकर वे पहाड़ की आवाज को दबा देंगे। अगर सरकार ने हमारे कार्यकर्ताओं का दमन करने की कोशिश की, या राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को नज़रअंदाज़ किया, तो उक्रांद ईंट से ईंट बजाने में पीछे नहीं हटेगा। हमारा संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक गैरसैंण को उसका हक नहीं मिल जाता।”
गढ़वाल-कुमाऊं की एकजुटता: पूरे प्रदेश से उमड़ा जनसैलाब
इस कूच ने न केवल उक्रांद की सांगठनिक शक्ति को दिखाया, बल्कि प्रदेश की एकजुटता की भी मिसाल पेश की। इस महासंग्राम में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के लगभग सभी जिला अध्यक्षों ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ शिरकत की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि गैरसैंण का मुद्दा पूरे उत्तराखंड की आत्मा से जुड़ा है।
UKCyberNews की विशेष रिपोर्ट:
आज के घटनाक्रम ने साबित कर दिया है कि उत्तराखंड क्रांति दल, आशीष नेगी जैसे युवा नेतृत्व के साथ, राज्य के मूल मुद्दों (स्थायी राजधानी, सख्त भू-कानून, मूल निवास 1950) पर किसी भी हद तक जाने को तैयार है। चलते सत्र में चार बैरिकेड्स तोड़ना कोई साधारण घटना नहीं है; यह सत्ता के शिखर पर बैठे लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि पहाड़ अब और चुप नहीं रहेगा।
वीडियो में देखें आशीष नेगी ने क्या कहा:-
डिस्क्लेमर
उपर्युक्त समाचार रिपोर्ट मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों के बयानों, वरिष्ठ पत्रकारों की ग्राउंड रिपोर्ट और घटनाक्रम के दौरान हुए प्रत्यक्ष घटनाक्रमों पर आधारित है। इस रिपोर्ट का उद्देश्य किसी भी संवैधानिक संस्था, सरकार या पुलिस प्रशासन की छवि को धूमिल करना नहीं है, बल्कि जन-सरोकारों से जुड़े आंदोलन और जनता की आवाज़ को प्रमुखता से शासन-प्रशासन तक पहुँचाना है। समाचार पोर्टल हिंसा या अराजकता का समर्थन नहीं करता है और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का सम्मान करता है।



