स्वास्थ्य मंत्री आवास घेराव।
देहरादून के यमुना कॉलोनी में हुआ घेराव, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात।

उत्तराखण्ड/ देहरादून/यूके साइबर न्यूज/। उत्तराखंड में नर्सिंग महासंघ/उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच द्वारा आज देहरादून, यमुना कॉलोनी स्थित स्वास्थ्य मंत्री आवास कूच क्या गया। “नर्सिंग महासंघ की सबसे बड़ी मांग यह है कि नर्सिंग अधिकारी भर्ती प्रक्रिया को लिखित परीक्षा आधारित प्रणाली के स्थान पर पूर्व की भांति वर्षवार वरिष्ठता के आधार पर किया जाए।” प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लिखित परीक्षा में वे अभ्यर्थी जो 2014-15 में उत्तीर्ण हुए हैं, वे हाल ही में (2024-25 में) उत्तीर्ण हुए अभ्यर्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते, जिससे पुराने बैच के योग्य अभ्यर्थियों का चयन प्रभावित हो रहा है। पहले उत्तराखंड में भर्तियाँ मुख्य रूप से नर्सिंग की डिग्री या डिप्लोमा उत्तीर्ण करने के वर्ष और वरिष्ठता के आधार पर होती थीं। उनकी अन्य मांगे है कि स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग के 2500 से अधिक खाली पदों पर वर्षवार मेरिट के आधार पर पारदर्शी नियुक्ति जल्द से जल्द की जाए। भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण जिन योग्य अभ्यर्थियों की आयु सीमा से अधिक हो गई है, उन्हें विशेष आयु छूट प्रदान की जाए, नर्सिंग भर्ती में उत्तराखंड राज्य के मूल निवासी अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाए और बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों पर रोक लगाई जाए। साथ ही कोरोना काल के दौरान कार्य करने वाले आउटसोर्स/कोविड कर्मचारियों को सेवा विस्तार दिया जाए या रिक्त पदों पर समायोजित किया जाए।
हाल ही में (दिसंबर 2025 में) मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान प्रदर्शनकारी नर्सिंग अधिकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुई हैं, जिससे यह मामला और गरमा गया था।

इस कूच के कार्यक्रम में कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच रखे थे। इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड क्रांति दल के देहरादून महानगर अध्यक्ष परवीन चंद रमोला, राजेंद्र बिष्ट, भोला प्रसाद चमोली, शैलेंद्र गुनसोला आदि भी शामिल हुए, जिस दौरान राजेंद्र बिष्ट ने कहा ” उत्तराखण्ड क्रांति दल सदैव से महिलाओं, बेरोजगारों के साथ खड़ी रहती है, ये सरकार दमनकारी नीतियां अपना रही है, कोरोना वॉरियर आज सड़कों पर है इससे बड़ी विडंबना क्या हो सकती है।



