नरेंद्रनगर: चुनाव प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन! मंत्री सुबोध उनियाल पर बूथ के अंदर घुसने का आरोप।
विरोध करने पर धमकाने की कोशिश
नरेंद्रनगर, उत्तराखंड:
लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व ‘मतदान’ के दौरान आज नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि उत्तराखंड सरकार के मंत्री सुबोध उनियाल ने मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश कर चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) का खुला उल्लंघन किया है।
प्रोटोकॉल याद दिलाने पर मंत्री ने दिखाई धौंस
आज जब नरेंद्रनगर में मतदान की प्रक्रिया चल रही थी, तभी मंत्री सुबोध उनियाल का काफिला धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर पहुँचा। मौके पर मौजूद उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) की नेत्री प्रमिला रावत ने जैसे ही निर्वाचन आयोग की आचार संहिता के पृष्ठ संख्या 8 का हवाला देते हुए मंत्री जी को नियम याद दिलाया, तो माहौल और गरमा गया।
आरोप है कि नियम का पालन करने के बजाय मंत्री जी ने प्रमिला रावत को ही धमकाने का प्रयास किया। एक लोक प्रतिनिधि द्वारा जनता के प्रतिनिधि को इस प्रकार डराने-धमकाने का रवैया लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।
ड्राइवर ने भी की मोबाइल छीनने की कोशिश
हद तो तब हो गई जब मंत्री के ड्राइवर ने भी मर्यादाओं को ताक पर रख दिया। अपने पद और गरिमा को भूलकर, ड्राइवर ने धौंस दिखाते हुए UKD नेत्री प्रमिला रावत का मोबाइल छीनने की कोशिश की, ताकि इस पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग न हो सके। सत्ता के नशे में चूर इस प्रकार की गुंडागर्दी और विरोध को दबाने का यह प्रयास प्रशासन की मौजूदगी में हुआ, जो सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
खुद निर्वाचन मंत्री होकर नियमों का उल्लंघन
विरोध कर रहे लोगों ने मंत्री के इस आचरण पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जो व्यक्ति स्वयं सरकार में मंत्री है, उससे नियमों के पालन की सबसे अधिक अपेक्षा की जाती है। प्रमिला रावत का कहना है कि सत्ता पक्ष का कोई भी मंत्री मतदान केंद्र के भीतर प्रवेश नहीं कर सकता। यदि निर्वाचन विभाग से जुड़े रहे मंत्री ही प्रोटोकॉल को ताक पर रखेंगे, तो आम जनता में क्या संदेश जाएगा?
यह कृत्य न केवल चुनाव प्रक्रिया की गरिमा को ठेस पहुँचाता है, बल्कि निष्पक्ष मतदान की व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और अब जनता चुनाव आयोग से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।



