देहरादून में गुलाम हैदर नामक एक कश्मीरी मुस्लिम व्यक्ति द्वारा 10 बीघा से अधिक जमीन खरीदी गई।
देहरादून के विकास नगर क्षेत्र का मामला। सरकार जमीन पर अपना कब्जा जमाने में जुटी।

यह जमीन का मामला देहरादून के जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर के हरिपुर कालसी इलाके में है। इस क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों द्वारा जमीन खरीदने पर प्रतिबंध है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह खरीद-फरोख्त फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए की गई है, और यह क्षेत्र के भू-कानूनों का उल्लंघन है। सूत्रों के मुताबिक, गुलाम हैदर ने कथित तौर पर वहाँ रहने वाले रिश्तेदारों से कागज़ात हासिल किए, अपना नाम फ़ैमिली रजिस्टर में दर्ज कराया, और फिर ज़मीन खरीद ली। यह मामला जिला अधिकारी (DM) की अदालत में चला। तत्कालीन DM ने 24.07.2024 को उक्त भूमि को सरकार में निहित करने (vesting the land in the government) के आदेश भी जारी किए थे। विवाद बढ़ने पर, मुख्यमंत्री (CM) पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले को विपक्षी दलों द्वारा सरकार को घेरने का मुद्दा भी बनाया गया है। इसे ‘लैंड जिहाद’ के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जहाँ उत्तराखंड सरकार अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। संक्षेप में, यह मामला जनजातीय क्षेत्र में गैर-स्थानीय व्यक्ति द्वारा भू-कानूनों का उल्लंघन करके बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने और इसके खिलाफ चल रही प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई से संबंधित है।
विपक्ष का कहना है कि सरकार एक तरफ तो भू कानून के नाम पर अपनी पीठ थपथपा रही है, और दूसरी तरफ बिक रही जमीनों का सरकार के पास कोई विवरण नहीं है, ये अवैध घुसपैठ राज्य में हो रही है। इस मामले के सामने आते ही उत्तराखण्ड की सियासत में हलचल अवश्य पैदा हो गई है।



