उत्तराखंडभ्रस्टाचार

नंदानगर-सुतोल मार्ग: राजजात की मुख्य सड़क पर बिछा भ्रष्टाचार का डामर, हाथों से उखड़ रहा विकास

डामरीकरण के नाम पर 'भ्रष्टाचार का खेल', हाथों से उखड़ रही सड़क!

चमोली।उत्तराखण्ड:-

उत्तराखंड में ‘जीरो टॉलरेंस’ और ‘डबल इंजन’ सरकार के विकास दावों को चमोली जिले के अधिकारी और ठेकेदार मिलकर पलीता लगा रहे हैं। मामला नंदानगर (घाट) से सुतोल को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मोटर मार्ग का है, जहाँ डामरीकरण (Hot-mix) के कार्य में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

धार्मिक आस्था के मार्ग पर धोखा

आपको बता दें कि यह मार्ग विश्व प्रसिद्ध ‘नंदा देवी राजजात’ का मुख्य पड़ाव और पैदल यात्रा का प्रवेश द्वार है। जहाँ हजारों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी है, वहाँ लोक निर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्री का प्रयोग कर जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

हाथ लगाते ही रेत की तरह बिखर रहा डामर

मौके से UK Cyber News के संवाददाता हीरा सिंह नेगी द्वारा भेजी गई तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि नई बिछाई गई डामर की परत ज़रा सा हाथ लगाने पर ही पापड़ की तरह उखड़ रही है। स्थानीय ग्रामीणों में इस कार्य को लेकर भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना बेस तैयार किए और ठंडे तारकोल का प्रयोग कर केवल खानापूर्ति की जा रही है।

सरकार के सुशासन पर खड़े हुए बड़े सवाल:

  • नितिन गडकरी और पुष्कर सिंह धामी की ‘ऑल वेदर’ और ‘कनेक्टिविटी’ की मुहिम को स्थानीय स्तर पर क्यों दबाया जा रहा है?
  • ​क्या DM चमोली इस मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग और ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे?
  • ​क्या जनता के टैक्स के करोड़ों रुपयों की इसी तरह बंदरबांट होती रहेगी?

ग्रामीणों की मांग:

प्रशासन को चाहिए कि इस मार्ग के डामरीकरण की गुणवत्ता की तत्काल ‘लैब जांच’ कराई जाए और जब तक मानक पूरे न हों, तब तक भुगतान रोका जाए। पहाड़ की भौगोलिक परिस्थितियों में ऐसी खराब सड़कें केवल भ्रष्टाचार का नमूना नहीं, बल्कि ‘खूनी हादसों’ को दावत देने जैसा है।

Disclaimer:

“UK Cyber News” पर प्रकाशित यह रिपोर्ट स्थानीय संवाददाता हीरा सिंह नेगी द्वारा मौके से भेजी गई जानकारी और दृश्यों पर आधारित है। हमारा उद्देश्य जनहित के मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुँचाना है। इस रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों और तथ्यों की पुष्टि निर्माण विभाग या संबंधित अधिकारियों द्वारा की जानी शेष है। इस खबर के माध्यम से किसी की छवि धूमिल करना हमारा उद्देश्य नहीं है, बल्कि जन-सुरक्षा और सरकारी धन के सही सदुपयोग को सुनिश्चित करना है। यदि संबंधित विभाग या ठेकेदार इस पर अपना पक्ष रखना चाहते हैं, तो हम उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेंगे।

UK Cyber News

Prem Padiyar

साइबर ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट के कारण करोड़ों रुपयों की ठगी के मामले सामने आ रहे है, ये ठग अलग अलग माध्यम से लोगों को ठगते है। कभी पुलिस ऑफिसर बनकर, कभी कोरियर डिलीवरी बॉय बनकर, कभी बैंक कर्मचारी या कभी किसी सरकारी संस्थान के कर्मचारी बनकर, कभी ये राशन कार्ड / आधार कार्ड अपडेट तो कभी आयुष्मान कार्ड अपडेट के नाम पर लोगों को ठगते है, कभी मुसीबत में फंसे करीबी रिश्तेदार या दोस्त बनकर आमजन को ठगते हैं। इनसे बचने का एक मात्र तरीका जागरूकता है। इसके शिकार महिलाएं एवं बुजुर्ग ज्यादातर बनते है, हमारा उद्देश्य रहेगा कि समय समय पर आप लोगों तक साइबर क्राइम की जानकारी एवं सुरक्षा के उपाय पहुंचाया जाय, जिससे हर आदमी साइबर ठगी का शिकार होने से बच सके और अपनी गाढ़ी कमाई को बचा सके, साथ ही हमारी कोशिश रहेगी कि देश दुनिया की तमाम खबरें आप तक पहुंचाई जा सके।

Related Articles

Back to top button
Report By UK Cyber News