UKD के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार: प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे थे प्रदर्शनकारी
गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमी उक्रांद की आवाज़, पूछे हक के सात सवाल

देहरादून।
राजधानी में आज उस वक्त राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई जब उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के महानगर देहरादून इकाई द्वारा देश के प्रधानमंत्री से मिलने का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम हंगामे की भेंट चढ़ गया। उत्तराखंड के ज्वलंत मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने जा रहे केंद्रीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को शासन-प्रशासन ने MDDA कार्यालय के पास रोक लिया और उन्हें गिरफ्तार कर नेहरू कॉलोनी थाने ले जाया गया।
प्रमुख नेताओं के तीखे प्रहार: क्या यही विकास है?
थाने में गिरफ्तारी के दौरान उक्रांद के नेताओं ने सरकार की नीतियों और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर जमकर हमला बोला:
- प्रवीण रमोला (महानगर अध्यक्ष): उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को पीड़ादायक बताया। रमोला ने सवाल उठाया कि “देवभूमि में शराब को बढ़ावा देना क्या सरकार की नजर में विकास है?”
- राजेन्द्र बिष्ट (केंद्रीय महामंत्री): बिष्ट ने आरोप लगाया कि राज्य में माफियाओं का बढ़ता प्रभाव इस बात का प्रमाण है कि उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
- किरण रावत (केन्द्रीय महामंत्री): उन्होंने “बेटी बचाओ” के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि जिस शासन में बेटियों की अस्मिता असुरक्षित है, उससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा।
- बृजमोहन सजवाण (केन्द्रीय महामंत्री): उन्होंने खनन माफियाओं द्वारा नदियों और पहाड़ों के अंधाधुंध दोहन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड किसी की लूट का मैदान नहीं है।
जनता के सात सवाल और उक्रांद की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए सरकार से सीधे सात सवाल पूछे हैं:
- भ्रष्टाचार पर लगाम कब लगेगी?
- सख्त भू-कानून कब लागू होगा और हमारी जमीनें कब सुरक्षित होंगी?
- शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार कब होगा?
- पलायन रोकने के लिए ठोस नीति कब आएगी ताकि उजड़ते गांव फिर बस सकें?
- अंकिता भंडारी को न्याय कब मिलेगा?
- माफियाओं को आखिर खुली छूट क्यों दी गई है?
- देवभूमि में शराब का प्रसार क्या वाकई विकास का पैमाना है?
चेतावनी: दल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नदियों और पहाड़ों का दोहन तुरंत बंद हो। “उत्तराखंड को लूटना बंद करो और बेटियों को न्याय दो” के नारों के साथ उक्रांद ने ऐलान किया कि उनकी आवाज दबेगी नहीं और संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
इस विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारी के दौरान महानगर संगठन मंत्री कपिल कुमार, महामंत्री निशिथ मनराल, राजीव नौटियाल, सुमित डंगवाल, गजेंद्र नेगी, राकेश ध्यानी, रमा चौहान, राजेश्वरी रावत, हीरा सिंह, किशोर बहुगुणा, जीतेन्द्र, मनोज भट्ट, राम भट्ट, अनीता चंद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एकजुट रहे।


