उत्तराखंड क्रांति दल का कुनबा बढ़ा पूर्व सैनिकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने थामा UKD का दामन

देहरादून:
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के सैनिक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित सदस्यता अभियान में आज पूर्व सैनिकों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, सैनिक परिवारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दल की सदस्यता ग्रहण की, जिससे उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति में दल की स्थिति और अधिक मजबूत होती नजर आ रही है।
सदस्यता अभियान का मुख्य उद्देश्य
इस विशेष अभियान का केंद्र बिंदु उत्तराखंड के वीर सैनिकों और प्रदेश के युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करना था। दल का लक्ष्य एक सशक्त संगठन का निर्माण करना है ताकि राज्य के हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत राजनीतिक विकल्प खड़ा किया जा सके।

इन दिग्गजों ने बढ़ाया दल का मान
कार्यक्रम में उत्तराखंड के कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने यूकेडी का दामन थामा, जिनमें प्रमुख हैं:
- कर्नल यषपाल सिंह नेगी (से.नि.)
- कर्नल बलवीर कब्सूडी
- कर्नल राजपाल सिंह नेगी
- कर्नल वीरेन्द्र सिंह नेगी
- श्री महेन्द्र सिंह कंडेरी
- श्री विक्रम सिंह नेगी
स्वच्छ छवि वाले लोगों से बनेगा उत्तराखंड का भविष्य
सदस्यता ग्रहण करने वाले सभी नव-आगंतुकों का स्वागत करते हुए उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष श्री सुरेंद्र कुकरेती ने कहा, “ईमानदार, कर्मठ और स्वच्छ छवि वाले लोगों का दल में शामिल होना उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य का शुभ संकेत है। पूर्व सैनिकों का जुड़ाव इस बात को साबित करता है कि उत्तराखंड का गौरव फिर से स्थापित करने के लिए दल सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।”
कार्यक्रम में इनकी रही उपस्थिति
सैनिक प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में केंद्रीय पदाधिकारी सक्रिय रहे। इस अवसर पर केंद्रीय उपाध्यक्ष कर्नल सुनील कोटनाला, केंद्रीय महामंत्री कर्नल कैलाश देवरानी, सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कर्नल सुनील चौहान, तथा श्री महिपाल सिंह पुण्डीर सहित अनेक कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
“मजबूत संगठन – सशक्त उत्तराखंड” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा उत्तराखंड क्रांति दल अब प्रदेश की राजनीति में एक नई ऊर्जा के साथ सक्रिय है।
डिस्क्लेमर:
यह समाचार रिपोर्ट कार्यक्रम में उपस्थित आयोजकों द्वारा प्रदान की गई जानकारी और प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। ‘UK Cyber News’ इस लेख में शामिल राजनीतिक दल की सदस्यता या विचारधारा से संबंधित निर्णय पूरी तरह से संबंधित व्यक्तियों का अपना है। हम इस खबर के माध्यम से केवल क्षेत्र की गतिविधियों की निष्पक्ष जानकारी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं।



