देवभूमि में दरिंदगी की पराकाष्ठा: चंपावत में भाजपा नेता समेत 3 पर गैंगरेप का आरोप
हाथ-पैर बांधकर लूटी अस्मत

चंपावत/लोहाघाट:
उत्तराखंड के चंपावत जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया है। यहाँ 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 16 साल की मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) का मामला सामने आया है। इस जघन्य अपराध के आरोपियों में एक पूर्व प्रधान और भाजपा का निवर्तमान मंडल उपाध्यक्ष शामिल है। रसूखदार पदों पर बैठे लोगों द्वारा एक नाबालिग को निशाना बनाए जाने से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश है।
शादी में ले गए और फिर दिखाई हैवानियत
पीड़िता के पिता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी उनकी बेटी को घर से किसी शादी समारोह में ले जाने के बहाने साथ ले गए थे। पिता का आरोप है कि आरोपियों ने बच्ची को सुरक्षा देने के बजाय उसे अपनी हवस का शिकार बना डाला। आरोपियों ने मासूम के गले पर चाकू की नोंक रखकर उसे जान से मारने की धमकी दी और फिर बारी-बारी से उसके साथ गलत काम (गैंगरेप) किया।
नग्न अवस्था में कमरे के अंदर मिली बेटी
पूरी रात की खोजबीन के बाद जब सुबह करीब 4 बजे पुलिस और स्थानीय लोग एक बंद कमरे में पहुँचे, तो वहां का दृश्य रूह कंपा देने वाला था। वह मासूम बच्ची कमरे के भीतर नग्न अवस्था में पड़ी थी और उसके हाथ-पैर रस्सियों से बंधे हुए थे। आरोपियों की इस हैवानियत ने यह साफ कर दिया कि उनके मन में कानून का कोई खौफ नहीं था।
रसूख के पीछे छिपे राक्षस
इस मामले में विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत (पूर्व प्रधान एवं पूर्व भाजपा मंडल उपाध्यक्ष) के नाम सामने आए हैं। सत्ता और पद के रसूख का इस्तेमाल एक मासूम की जिंदगी बर्बाद करने के लिए किया गया। घटना के बाद से ही आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
कोतवाली में हंगामा और पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने चंपावत कोतवाली का घेराव कर जमकर हंगामा किया। मामले ने तब तूल पकड़ा जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। भारी दबाव के बाद पुलिस ने तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
न्याय की कसौटी पर व्यवस्था
जब समाज के ‘माननीय’ कहलाने वाले लोग ही नाबालिगों को अपनी हवस का निशाना बनाने लगें, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। ‘UK Cyber News’ प्रशासन से यह मांग करता है कि इन तीनों आरोपियों को उनके किए की ऐसी कठोर सजा मिले जो पूरे उत्तराखंड के लिए एक नजीर बने।


