केदारनाथ: गर्भगृह की मर्यादा से खिलवाड़ पर भड़का उक्रांद, सोनप्रयाग थाने में तहरीर
गर्भगृह में अवैध फोटोग्राफी के खिलाफ पुलिस को सौंपा पत्र, नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग

सोनप्रयाग:
विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह की गरिमा और वहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (मूल निवास भू-कानून प्रकोष्ठ) ने कड़ा रुख अपनाया है। गर्भगृह में प्रतिबंधित होने के बावजूद कुछ लोगों द्वारा निरंतर की जा रही फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के विरोध में प्रकोष्ठ के अध्यक्ष देवेन्द्र बहुगुणा ने थाना प्रभारी सोनप्रयाग को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

धार्मिक भावनाओं और सुरक्षा से खिलवाड़
पुलिस को सौंपे गए पत्र में देवेन्द्र बहुगुणा ने उल्लेख किया है कि गर्भगृह में फोटोग्राफी पूरी तरह वर्जित है। इसके बावजूद, कुछ लोग नियमों का उल्लंघन कर फोटो और वीडियो बना रहे हैं। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि इन वीडियो को सोशल मीडिया पर ‘आर्थिक लाभ, लाइक्स और व्यूज’ प्राप्त करने के उद्देश्य से साझा किया जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधियां न केवल मंदिर की मर्यादा और धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत गंभीर विषय हैं।
नियमों का पालन सुनिश्चित करने की मांग
प्रार्थना पत्र के माध्यम से अध्यक्ष देवेन्द्र बहुगुणा ने पुलिस प्रशासन से निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर तत्काल ध्यान देने का अनुरोध किया है:
- सख्त कानूनी कार्रवाई: गर्भगृह में अवैध रूप से फोटोग्राफी करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएं।
- सोशल मीडिया निगरानी: नियम विरुद्ध और आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने वालों पर नजर रखी जाए।
- सुरक्षा सुदृढ़ीकरण: मंदिर परिसर में सीसीटीवी (CCTV) और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए।
- स्पष्ट दिशा-निर्देश: यात्रियों और श्रद्धालुओं को नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।
पत्र के अंत में विश्वास जताया गया है कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर विषय पर आवश्यक कदम उठाकर मंदिर की गरिमा की रक्षा करेगा। इस दौरान प्रकाश सेमवाल, दलबीर सिंह, लोकेंद्र सिंह, कुंदन सिंह सहित कई अन्य सदस्य और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
डिस्क्लेमर:-
देवभूमि की मर्यादा ही हमारा गौरव है।
श्री केदारनाथ धाम मात्र एक तीर्थ नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। मंदिर का गर्भगृह वह पवित्र स्थान है जहाँ शिव का साक्षात् वास माना जाता है। यहाँ की शुचिता और मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक भक्त का धर्म है। हमारा उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि धाम की प्राचीन परंपराओं और नियमों के प्रति जागरूकता फैलाना है।
निष्पक्ष पत्रकारिता, हमारी प्राथमिकता।
यह खबर स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा पुलिस प्रशासन को सौंपे गए पत्र और उठाए गए मुद्दों पर आधारित है। UK Cyber News नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी गतिविधि का समर्थन नहीं करता है। हमारा पोर्टल पाठकों से अनुरोध करता है कि तीर्थ स्थलों की यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा बनाए गए नियमों का पूर्णतः पालन करें ताकि धाम की गरिमा बनी रहे।



