DAV में ‘मासूम’ का अमर्यादित शोर: शिक्षा के मंदिर में गूंजी गालियां, मंच पर मौन रही सरकार!
शिक्षा के मंदिर में 'गाली' का शोर: क्या यही है देवभूमि के संस्कारों का नया चेहरा?

देहरादून:
जिस कॉलेज की नींव में ‘वैदिक’ शब्द जुड़ा हो, वहां कल संस्कारों की धज्जियां उड़ते हुए पूरा उत्तराखंड देख रहा था। DAV कॉलेज के कार्यक्रम में गायक मासूम शर्मा ने मंच से जो ‘अभद्र प्रदर्शन’ किया, उसने न केवल शिक्षा के मंदिर को कलंकित किया बल्कि सत्ता के गलियारों तक भी अपनी गूंज छोड़ दी।
सत्ता की मौजूदगी में संस्कारों का चीरहरण?
बड़ा सवाल यह है कि जब मंच पर प्रदेश के मुखिया और कद्दावर नेता मौजूद थे, तब एक कलाकार सरेआम मंच से गालियां कैसे दे गया? क्या हमारे जनप्रतिनिधियों की नैतिकता इतनी सुस्त हो गई है कि सरेआम हो रही अभद्रता पर उन्होंने टोकना भी जरूरी नहीं समझा?
गन-कल्चर और कुसंस्कार का आयात
उत्तराखंड की शांत वादियों में बाहर से ‘गन-कल्चर’ और ‘गाली-गलौज’ वाले गानों को आखिर किसके संरक्षण में परोसा जा रहा है? जिस युवा पीढ़ी के हाथों में किताब होनी चाहिए, उन्हें इस तरह के ‘रोल मॉडल्स’ के जरिए क्या संदेश दिया जा रहा है?
इंतजार है सख्त एक्शन का
मुख्यमंत्री जी अक्सर ‘कठोर फैसलों’ के लिए जाने जाते हैं। देवभूमि की जनता अब देख रही है कि अपनी ही आंखों के सामने मर्यादा लांघने वाले इस ‘दुर्लभ कलाकार’ और आयोजकों पर उनकी कार्रवाई की लाठी कितनी तेज चलती है।
UK Cyber News स्पष्ट करता है कि इस रिपोर्ट का उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि सार्वजनिक मंचों पर भाषाई मर्यादा और सामाजिक मूल्यों की रक्षा करना है।
सामग्री का उद्देश्य:
यह लेख समाज और शिक्षा के मंदिरों में बढ़ रही अनुशासनहीनता के विरुद्ध एक वैचारिक विरोध है। हमारा उद्देश्य केवल जनहित में सवाल पूछना है। मंच से उपयोग की गई अभद्र भाषा गायक के अपने आचरण का हिस्सा है। हम किसी भी रूप में हिंसा, गन-कल्चर या अश्लीलता का समर्थन नहीं करते हैं।



