जरा बच के, सावधानी हटी दुर्घटना घटी।
साइबर अपराधी विभिन्न तरीकों से लोगों को ठगते हैं।

उत्तराखण्ड/ देहरादून/ यूके साइबर न्यूज: साइबर अपराधी विभिन्न तरीकों से लोगों को ठगते हैं। यहां कुछ सबसे आम प्रकार दिए गए हैं:
1. फ़िशिंग/स्पूफ़िंग (Phishing/Spoofing):
ठग बैंक, सरकारी संस्था या किसी बड़ी कंपनी का रूप धारण करके ईमेल या मैसेज भेजते हैं। वे आपसे व्यक्तिगत जानकारी (जैसे बैंक खाता संख्या, OTP, पासवर्ड) या किसी फ़र्ज़ी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं।
2. OTP/UPI ठगी (OTP/UPI Fraud):
ठग आपको कॉल करके खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हैं और किसी समस्या को हल करने के बहाने आपसे आपका OTP (वन टाइम पासवर्ड) मांग लेते हैं। कई बार वे QR कोड भेजकर या ‘रिक्वेस्ट मनी’ विकल्प का उपयोग करके आपसे पैसा भेजने के लिए कहते हैं।
3. निवेश/नौकरी ठगी (Investment/Job Scams):
ठग सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स पर आकर्षक, पर अवास्तविक, निवेश योजनाओं (जैसे ‘पार्ट-टाइम घर बैठे कमाएँ’, ‘छोटे निवेश पर बड़ा रिटर्न’) का विज्ञापन करते हैं। वे फ़र्ज़ी नौकरी के ऑफ़र देते हैं और सिक्योरिटी डिपॉज़िट या प्रोसेसिंग फ़ीस के नाम पर पैसे ऐंठते हैं।
4. सोशल मीडिया ठगी (Social Media Impersonation):
ठग आपके किसी परिचित का फ़र्ज़ी अकाउंट बनाते हैं और आपसे इमरजेंसी बताकर पैसे मांगते हैं। वे हैक किए गए अकाउंट का भी उपयोग करके ठगी करते हैं।
5. लोन/क्रेडिट कार्ड ठगी (Loan/Credit Card Fraud):
ठग सस्ते और तुरंत लोन देने का झांसा देते हैं और लोन प्रोसेसिंग फ़ीस या बीमा के नाम पर आपसे पैसे ले लेते हैं, लेकिन कभी लोन नहीं देते।
6. सिम स्वैप/SIM Swap Fraud:
ठग आपके मोबाइल नेटवर्क प्रोवाइडर को धोखा देकर आपके नाम पर एक नया सिम कार्ड जारी करवा लेते हैं, जिससे आपके फोन पर आने वाले सभी कॉल और मैसेज (OTP सहित) उन्हें मिलने लगते हैं। साइबर ठगी से बचने के उपाय
सुरक्षित रहने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
1. OTP/Pin कभी साझा न करें: बैंक/सरकारी अधिकारी कभी भी आपसे OTP, CVV, या पासवर्ड नहीं मांगते। किसी भी परिस्थिति में यह जानकारी किसी को न दें।
2. संदिग्ध लिंक से बचें: अज्ञात स्रोतों से आए ईमेल, SMS या WhatsApp मैसेज में दिए गए लिंक पर कभी क्लिक न करें।
3. UPI ‘पिन’ का नियम: UPI या किसी भी डिजिटल भुगतान के लिए, पैसे प्राप्त करने के लिए आपको कभी भी अपना PIN दर्ज नहीं करना पड़ता है। PIN केवल पैसे भेजने के लिए होता है।
4. मजबूत पासवर्ड का प्रयोग: अपने सभी अकाउंट्स के लिए मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का उपयोग करें।
5. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): जहां भी संभव हो, अपने महत्वपूर्ण अकाउंट्स (जैसे Gmail, बैंक, सोशल मीडिया) के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें।
6. जांच-पड़ताल: यदि कोई परिचित सोशल मीडिया पर पैसे मांगता है, तो उसे कॉल करके या किसी अन्य तरीके से सत्यापित करे।
साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर: 1930 पर कॉल करें। ऑनलाइन रिपोर्ट करें: राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in/) पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।



