
नई दिल्ली:
भारतीय सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए रक्षा मंत्रालय एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रहा है। अब सैनिकों को अपनी दैनिक जरूरतों और घरेलू सामान के लिए कैंटीन के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार CSD (Canteen Stores Department) को पूरी तरह डिजिटल करने की तैयारी में है, जिसके बाद सैनिक Amazon और Flipkart की तरह घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर कर सकेंगे।
कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम?
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, CSD को एक अत्याधुनिक ई-कॉमर्स पोर्टल की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल पर राशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य घरेलू सामान उपलब्ध होंगे। सैनिकों को अपना Smart Card पोर्टल पर लिंक करना होगा, जिसके बाद वे अपनी पात्रता (Entitlement) के हिसाब से सामान चुनकर ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे।
बड़ी राहत: सवा करोड़ उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, देश भर में लगभग 1.25 करोड़ (सवा करोड़) सैन्य उपभोक्ता हैं। इसमें सेवारत जवान और बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त (Retired) फौजी शामिल हैं।
- दूरी की समस्या का समाधान: कई पूर्व सैनिक ऐसे दुर्गम इलाकों में रहते हैं जहाँ से नजदीकी कैंटीन 50 से 100 किलोमीटर दूर होती है। होम डिलीवरी शुरू होने से उन्हें यात्रा का खर्च और समय नहीं गंवाना पड़ेगा।
- सस्ता और सुलभ: कैंटीन में सामान बाजार भाव से 30% से 35% तक सस्ता मिलता है। ऑनलाइन पोर्टल के जरिए यह बचत अब सीधे उनके दरवाजे तक पहुंचेगी।
34 डिपो बनेंगे बैकबोन (Supply Chain)
देश भर में फैले CSD के 34 मुख्य डिपो को इस ई-कॉमर्स सिस्टम के वितरण केंद्र (Distribution Centers) के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। सामान की डिलीवरी के लिए मंत्रालय एक मजबूत लॉजिस्टिक तंत्र तैयार कर रहा है ताकि समय पर और सुरक्षित डिलीवरी सुनिश्चित की जा सके।
कब तक शुरू होगी सेवा?
इस डिजिटल प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है। मंत्रालय का लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक इस सेवा को पूरे देश में लागू कर दिया जाए। पहले चरण में कुछ चुनिंदा शहरों में इसका ट्रायल शुरू किया जा सकता है, जिसके बाद इसे अखिल भारतीय स्तर पर विस्तारित किया जाएगा।
यह कदम न केवल ‘डिजिटल इंडिया’ को बढ़ावा देता है, बल्कि हमारे उन वीर जवानों के प्रति सम्मान भी है जो रिटायर होने के बाद अपने गाँवों में बस जाते हैं। अब ‘फौजी कैंटीन’ की सुविधा उनके मोबाइल फोन पर होगी।



