
नई दिल्ली/देहरादून:
अगर आप भी टोल प्लाजा पर अपनी पद वाली आईडी दिखाकर या ‘विधायक जी’ का नाम लेकर फ्री में निकलने के आदी हैं, तो सावधान हो जाइए। सरकार ने 10 अप्रैल 2026 से टोल नियमों में क्रांतिकारी बदलाव लागू कर दिए हैं। अब टोल बूथों पर न तो कैश (नकद) चलेगा और न ही केवल आईडी कार्ड दिखाकर कोई गाड़ी निकल पाएगी।
1. कैश का खेल खत्म: अब केवल डिजिटल भुगतान
सड़क परिवहन मंत्रालय के नए आदेश के अनुसार, 10 अप्रैल से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर कैश लेन पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। अब हर गाड़ी को FASTag या UPI के जरिए ही भुगतान करना होगा।
- FASTag: सामान्य दर।
- UPI (बिना फास्टैग): सामान्य टोल का 1.25 गुना ज्यादा पैसा।
- कैश: अब टोल पर कैश स्वीकार नहीं होगा, और बिना डिजिटल माध्यम के घुसने पर गाड़ी को वापस या सीज भी किया जा सकता है।
2. आईडी कार्ड दिखाना नहीं चलेगा, चाहिए Exempted FASTag
सबसे बड़ा हमला उस वीआईपी कल्चर पर हुआ है जहाँ लोग अपना परिचय पत्र दिखाकर टोल फ्री निकल जाते थे। अब नियम है कि अगर आप टोल छूट की श्रेणी में आते हैं (जैसे जज, सांसद, विधायक या अन्य संवैधानिक पद), तो आपकी गाड़ी पर “Exempted FASTag” होना अनिवार्य है।
- अब बूथ पर कोई मैन्युअल वेरिफिकेशन नहीं होगा।
- अगर आपके पास एग्जेंप्टेड फास्टैग नहीं है, तो आपको सामान्य नागरिक की तरह टोल देना ही होगा, चाहे आप कोई भी हों।
3. पेंडिंग टोल वालों की खैर नहीं: ब्लॉक होंगी सरकारी सेवाएं
नया नियम केवल टोल तक सीमित नहीं है। अब टोल के बकाया (Unpaid User Fee) को वाहन पोर्टल से लिंक कर दिया गया है।
- अगर आपकी गाड़ी पर कोई टोल बकाया है, तो आप अपनी गाड़ी का NOC नहीं ले पाएंगे।
- गाड़ी का मालिकाना हक ट्रांसफर (Transfer of Ownership) नहीं होगा।
- फिटनेस सर्टिफिकेट और नेशनल परमिट भी तब तक नहीं मिलेगा जब तक पुराना टोल बकाया चुका न दिया जाए।
4. 200 टोल पार करने के लिए एनुअल पास
आम नागरिकों और रसूखदारों के लिए एक सुविधा भी दी गई है। अब आप ₹3,075 का एक सालाना पास बनवा सकते हैं, जिससे आप साल भर में 200 टोल प्लाजा तक मुफ्त (या प्री-पेड) पार कर सकेंगे। यह उन लोगों के लिए है जो बार-बार यात्रा करते हैं।
UK Cyber News का विश्लेषण:
सरकार का यह कदम टोल प्लाजा पर होने वाली गुंडागर्दी और लंबी लाइनों को खत्म करने के लिए है। ‘कैश’ हटने से भ्रष्टाचार कम होगा और ‘एग्जेंप्टेड फास्टैग’ अनिवार्य होने से उन लोगों पर लगाम लगेगी जो फर्जी आईडी या रसूख के दम पर टोल चोरी करते थे।



