उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा धमाका: डॉ. उदय सिंह रावत की यूकेडी में एंट्री
बद्रीनाथ विधानसभा का सियासी गणित बदला

देहरादून:
उत्तराखंड की क्षेत्रीय राजनीति में आज एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। पूर्व आईएएस अधिकारी और शिक्षा जगत का बड़ा नाम डॉ. उदय सिंह रावत ने आधिकारिक तौर पर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) का दामन थाम लिया है। देहरादून के प्रेस क्लब में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने दल की सदस्यता ग्रहण की।
डॉ. रावत का यूकेडी में शामिल होना न केवल दल के लिए मजबूती का संकेत है, बल्कि बद्रीनाथ विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनावों के लिए एक नई चुनौती भी पेश कर रहा है।
क्यों अहम है डॉ. उदय सिंह रावत का जुड़ाव?
डॉ. उदय सिंह रावत कोई साधारण नाम नहीं हैं। उनके पास प्रशासनिक और शैक्षिक क्षेत्र का विशाल अनुभव है, जो उत्तराखंड की राजनीति में एक नई बौद्धिक गहराई ला सकता है:
- प्रशासनिक अनुभव: उनके पास 43 वर्षों से अधिक का लंबा प्रशासनिक अनुभव है।
- शिक्षा जगत में पहचान: वे गढ़वाल विश्वविद्यालय से पीएचडी हैं और लगभग 11 वर्षों तक कुलपति (Vice-Chancellor) के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
- क्षेत्रीय पकड़: मूल रूप से पहाड़ की समस्याओं और वहां की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझने वाले डॉ. रावत अब राजनीति के जरिए जनसेवा के मैदान में उतरे हैं।
बद्रीनाथ सीट पर मचेगी खलबली
सियासी गलियारों में चर्चा तेज है कि डॉ. उदय सिंह रावत बद्रीनाथ विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। अगर ऐसा होता है, तो वहां के मौजूदा समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। एक अनुभवी “UPSC अधिकारी” और “कुलपति” के तौर पर उनकी छवि जनता के बीच एक पढ़े-लिखे और ईमानदार विकल्प के रूप में उभर सकती है



