बंगाल में बड़ा उलटफेर राज्यपाल ने भंग की विधानसभा
9 मई को ब्रिगेड ग्राउंड में होगा नई सरकार का शपथ ग्रहण
कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक अभूतपूर्व संवैधानिक मोड़ देखने को मिला। राज्य में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उपजे कानूनी गतिरोध को खत्म करते हुए राज्यपाल आर.एन. रवि ने विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव हारने के बाद भी अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया।
संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग
विधानसभा की मियाद 7 मई की आधी रात को समाप्त हो रही थी। संवैधानिक परंपरा के अनुसार, हार के बाद निवर्तमान मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना होता है, लेकिन ममता बनर्जी के फैसले से एक जटिल स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद राज्यपाल ने अनुच्छेद 174 (2) (बी) के तहत अपनी विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग करते हुए सदन को भंग करने का निर्णय लिया, ताकि नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो सके।
भाजपा की प्रचंड जीत और नए मुख्यमंत्री की तलाश
बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली भारी सफलता के बाद अब सबकी नजरें अगले मुख्यमंत्री के चेहरे पर टिकी हैं। आज कोलकाता में भाजपा विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहेंगे। चर्चा है कि भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को मात देने वाले नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी इस दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं।
9 मई को ऐतिहासिक शपथ ग्रहण
पश्चिम बंगाल की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा। यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि उस दिन रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है। कार्यक्रम कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत केंद्र के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
प्रशासन ने इस बड़े आयोजन को देखते हुए ब्रिगेड परेड ग्राउंड और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।



