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जनगणना 2026: फर्जी आईडी और नकली कॉल का बढ़ता खतरा

खुद को और अपने परिवार को साइबर ठगी से कैसे बचाएं?

डेस्क, UK Cyber News

भारत में डिजिटल जनगणना (Digital Census) की सुगबुगाहट के बीच साइबर अपराधियों ने आम जनता को लूटने का एक नया और खतरनाक रास्ता खोज निकाला है। आजकल फर्जी आईडी कार्ड पहनकर घर आने वाले लोग और सरकारी अधिकारी बनकर कॉल करने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं। UK Cyber News की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि कैसे आप इस जाल में फंसने से बच सकते हैं।

कैसे हो रही है ठगी?

​साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, ठगों ने अब सीधे आपके भरोसे पर हमला करना शुरू कर दिया है। इसके लिए वे मुख्य रूप से दो तरीके अपना रहे हैं:

    1. फर्जी कॉल और लिंक: आपके पास एक कॉल आता है जिसमें कहा जाता है कि जनगणना डेटा अपडेट करने के लिए आपके फोन पर आए OTP को साझा करें।
    2. डोर-टू-डोर सर्वे का झांसा: कुछ मामलों में ठग फर्जी सरकारी पहचान पत्र दिखाकर आपके घर तक पहुंच जाते हैं और परिवार की गोपनीय जानकारी, जैसे बैंक खाता नंबर और आधार कार्ड की फोटोकॉपी मांगते हैं।

🔍 Fact Check (तथ्यों की जांच)

​हमने इस विषय पर सरकारी प्रोटोकॉल की जांच की है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हैं जो आपको पता होने चाहिए:

  • सवाल: क्या जनगणना विभाग फोन पर आपसे OTP या बैंक पिन मांगता है?
  • तथ्य: बिल्कुल नहीं। भारत सरकार का कोई भी विभाग जनगणना के नाम पर आपसे बैंकिंग डिटेल्स या पासवर्ड नहीं मांगता।
  • सवाल: क्या जनगणना के लिए कोई फीस या चार्ज देना पड़ता है?
  • तथ्य: नहीं। जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है। यदि कोई पैसा मांगे, तो वह अपराधी है।
  • सवाल: क्या कोई भी लिंक जनगणना का आधिकारिक फॉर्म हो सकता है?
  • तथ्य: आधिकारिक जनगणना फॉर्म केवल सरकार द्वारा निर्धारित पोर्टल पर ही उपलब्ध होते हैं। किसी भी रैंडम WhatsApp लिंक पर क्लिक करना खतरनाक है।

 

सुरक्षा के अचूक उपाय

      • वेरिफिकेशन करें: यदि कोई व्यक्ति जनगणना के नाम पर घर आए, तो उसका आधिकारिक पहचान पत्र जरूर मांगें और स्थानीय प्रशासन से उसकी पुष्टि करें।
      • OTP साझा न करें: किसी भी अनजान व्यक्ति को फोन पर OTP न दें, चाहे वह खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी ही क्यों न बताए।
      • डिजिटल सावधानी: किसी भी संदिग्ध लिंक को न खोलें। यह आपके फोन में ‘मैलवेयर’ डाल सकता है जिससे आपकी बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है।

सावधानी ही बचाव है: यदि आप या आपके आसपास कोई इस ठगी का शिकार होता है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें।

UK Cyber News की खास अपील:

सावधान रयाँ, जनगणना का बहाना मा ये ठग अपणी नजर तुमारा बैंक खाता और कमाई पर लगाणा छन। कोई भी अंजान मनखी तुमथे फोन पर ओटीपी या बैंक की बात पुछदू, त कभी नी बतौण। हम पहाड़ी लोग सिदा-सादा हूंदा पर आजकलि यूं ठगों से बचण भी भौत जरूरी च। सतर्क रयाँ, सुरक्षित रयाँ!

UK Cyber News

Prem Padiyar

साइबर ठगी एवं डिजिटल अरेस्ट के कारण करोड़ों रुपयों की ठगी के मामले सामने आ रहे है, ये ठग अलग अलग माध्यम से लोगों को ठगते है। कभी पुलिस ऑफिसर बनकर, कभी कोरियर डिलीवरी बॉय बनकर, कभी बैंक कर्मचारी या कभी किसी सरकारी संस्थान के कर्मचारी बनकर, कभी ये राशन कार्ड / आधार कार्ड अपडेट तो कभी आयुष्मान कार्ड अपडेट के नाम पर लोगों को ठगते है, कभी मुसीबत में फंसे करीबी रिश्तेदार या दोस्त बनकर आमजन को ठगते हैं। इनसे बचने का एक मात्र तरीका जागरूकता है। इसके शिकार महिलाएं एवं बुजुर्ग ज्यादातर बनते है, हमारा उद्देश्य रहेगा कि समय समय पर आप लोगों तक साइबर क्राइम की जानकारी एवं सुरक्षा के उपाय पहुंचाया जाय, जिससे हर आदमी साइबर ठगी का शिकार होने से बच सके और अपनी गाढ़ी कमाई को बचा सके, साथ ही हमारी कोशिश रहेगी कि देश दुनिया की तमाम खबरें आप तक पहुंचाई जा सके।

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Report By UK Cyber News