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देहरादून: स्मार्ट सिटी की पोल खोलती पहली बारिश: मोहकमपुर बना दरिया

देहरादून:

शहर में मानसून की औपचारिक शुरुआत से पहले हुई महज कुछ घंटों की बारिश ने देहरादून नगर निगम और ‘स्मार्ट सिटी’ परियोजना के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। मोहकमपुर फ्लाईओवर के पास बाईपास रोड का नजारा किसी नदी से कम नहीं है, जहाँ सड़कों पर घुटनों तक पानी भरा हुआ है।

मेयर के घर के पास ही बदहाल स्थिति

​हैरानी और चिंता का विषय यह है कि यह जलभराव उस इलाके में है, जो देहरादून के मेयर श्री सौरभ थपलियाल के आवास से चंद दूरी पर स्थित है। यदि शहर के पॉश और महत्वपूर्ण क्षेत्रों का यह हाल है, तो शहर के अन्य हिस्सों की दुर्दशा का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

पूरे शहर में हाहाकार: रिस्पना से ISBT तक एक जैसी तस्वीर

​यह समस्या केवल मोहकमपुर तक सीमित नहीं है। बारिश के बाद शहर के अन्य प्रमुख और व्यस्ततम इलाके भी जलमग्न हो गए हैं:

  • रिस्पना और धर्मपुर: शहर के इन मुख्य इलाकों में जलभराव के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे राहगीर और स्थानीय दुकानदार भारी मुसीबत में हैं।
  • ISBT क्षेत्र: आईएसबीटी जैसे अत्यंत व्यस्तम इलाके में भी सड़कों पर पानी का सैलाब देखने को मिला, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्मार्ट सिटी या सिर्फ दावे?

​देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए बीते कई वर्षों से करोड़ों का बजट खर्च किया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि हर साल बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है।

  • सीवरेज का दंश: पूरे शहर में जगह-जगह चल रहे सीवरेज लाइन के अधूरे काम ने ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह बाधित कर दिया है। मिट्टी और मलबे के कारण नालियां बंद हैं, जिससे पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं बचा है।

सड़कों का बुरा हाल: खुदाई के बाद सड़कों को दुरुस्त न करना आम जनता के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। वाहन चालकों के लिए इन गंदे पानी से भरे गड्ढों के बीच से गुजरना किसी जोखिम भरे खेल से कम नहीं है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

​स्थानीय निवासियों का आक्रोश साफ है। उनका कहना है कि प्रशासन और स्मार्ट सिटी के अधिकारी केवल फाइलों और दावों में विकास कर रहे हैं। मानसून अभी पूरी तरह आया भी नहीं है, और शहर का यह हाल आने वाले समय के लिए एक बड़ी चेतावनी है। क्या नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रशासन इसी ‘स्मार्ट’ भविष्य का सपना दिखा रहा था?

​अब समय आ गया है कि जवाबदेही तय हो और जनता के गाढ़े पसीने की कमाई से चल रहे इन प्रोजेक्ट्स की जांच हो।

रिपोर्ट:- प्रेम पडियार (वरिष्ठ संवाददाता)

डिस्क्लेमर:

यह खबर स्थानीय निवासियों से प्राप्त जानकारी और उपलब्ध वीडियो सामग्री पर आधारित है। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष की छवि को धूमिल करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को जिम्मेदार प्रशासन तक पहुँचाना और उन्हें जागरूक करना है। कृपया सड़क पर जलभराव की स्थिति में सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

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Prem Padiyar

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