दुष्यंत कुमार गौतम का उत्तराखण्ड गृह सचिव को औपचारिक पत्र।
सोशल मीडिया पर छवि धूमिल करने का आरोप।

उत्तराखण्ड/देहरादून/यूके साइबर न्यूज/। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम ने उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली को एक औपचारिक पत्र लिखकर सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रहे अभियान को “भ्रामक और आपराधिक साजिश” करार दिया है। विवाद का मुख्य कारण सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो और वीडियो क्लिप्स वायरल हो रही हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि दुष्यंत गौतम का संबंध 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से है। दुष्यंत गौतम का कहना है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी छवि खराब करने के लिए ‘AI’ या अन्य माध्यमों से फर्जी ऑडियो तैयार किया है। उन्होंने गृह सचिव से उन सभी 47 सोशल मीडिया अकाउंट्स, यूट्यूब चैनलों और फेसबुक आईडी पर रोक लगाने और उनसे आपत्तिजनक सामग्री हटाने की मांग की है, उन्होंने इसे एक सोची-समझी आपराधिक साजिश बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कहा है कि “मेरे 47 साल के बेदाग राजनीतिक जीवन में मुझ पर कभी कोई आरोप नहीं लगा। अगर मेरे खिलाफ एक भी सबूत या आरोप साबित हो जाता है, तो मैं राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास ले लूंगा।” इस मामले में हरिद्वार के बहादराबाद थाने में भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। आरोप है कि इन्होंने ही ये भ्रामक क्लिप्स साझा की हैं। दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस के साथ उत्तराखण्ड क्रांति दल ने इन नए खुलासों के बाद मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग तेज कर दी है।



