धरोहरों की सुध लेने निकली फौज! लक्ष्मण सिद्ध मंदिर से फूंक दिया स्वच्छता का बिगुल
UKD सैनिक प्रकोष्ठ का बड़ा कदम धार्मिक स्थलों की दुर्दशा पर फूटा पूर्व सैनिकों का गुस्सा, बोले- 'प्रचार नहीं, काम पर भरोसा'
देहरादून।
उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित और स्वच्छ रखने के संकल्प के साथ आज देहरादून के लक्ष्मण सिद्ध मंदिर, हर्रावाला में पूर्व सैनिकों द्वारा एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से न केवल मंदिर परिसर को स्वच्छ किया गया, बल्कि समाज में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का बड़ा संदेश भी दिया गया।
स्वच्छता के लिए एकजुट हुए पूर्व सैनिक
आज 19 मई 2026 की सुबह से ही पूर्व सैनिकों की टोली लक्ष्मण सिद्ध मंदिर परिसर में जुटी। सेवा निवृत्त सैन्य अधिकारियों और जवानों ने उत्साह के साथ परिसर में फैली गंदगी को साफ किया। इस दौरान उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के सैनिक प्रकोष्ठ के नेतृत्व में भारी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

अभियान में कर्नल सुनील कोटनाला, कर्नल सुनील चौहान, कैप्टन चंद्र मोहन सिंह गडिया, सूबेदार मेजर महिपाल सिंह पुंडीर सहित सूबेदार राजेंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह भंडारी, किशोर बहुगुणा, योगेंद्र सिंह, अमर सिंह बिष्ट, भारत सिंह भंडारी, हीरा सिंह पासवान और दिनेश रमोला तथा सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इसके अलावा, मातृ शक्ति से श्रीमती रेखा नेगी और वरिष्ठ समाजसेवी व यूकेडी युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी सहित अनेक स्थानीय कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
सरकार पर साधा निशाना,चार धाम तक ले जाएंगे अभियान
इस अवसर पर सूबेदार मेजर देव चंद उत्तराखण्डी ने तीखे तेवर अपनाते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन राज्य की सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों को स्वच्छ रखने के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को सनातनी कहते हैं, वे इन धरोहरों की सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
सूबेदार मेजर देव चंद ने आगे की रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि उत्तराखंड के पूर्व सैनिक, यूकेडी सैनिक प्रकोष्ठ के साथ मिलकर ‘चार धाम स्वच्छता अभियान’ का संकल्प ले चुके हैं। इसी कड़ी में आगामी 24 मई 2026 को कालू सिद्ध मंदिर, भानियावाला में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक रविवार को अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर यह सफाई मुहिम जारी रहेगी।
सामाजिक सरोकारों से जुड़ा है यूकेडी का उद्देश्य
सैनिक प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड क्रांति दल का उद्देश्य केवल सत्ता या राजनीति तक सीमित नहीं है। पार्टी जनहित के कार्यों और सामाजिक सरोकारों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही है। उनका मुख्य ध्येय समाज में जन-जागरूकता फैलाना और प्रदेश के युवाओं को सामाजिक कार्यों से जोड़कर उन्हें उत्तराखंड की संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित करना है।
अंत में, अभियान में शामिल सभी सदस्यों ने प्रदेश की जनता से आह्वान किया कि वे स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाएं ताकि उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूत किया जा सके।
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